राष्ट्रीय
युवा और
किशोर विकास
कार्यक्रम
योजना के
दिशानिर्देश
भारत
सरकार
युवा
कार्यक्रम और
खेल मंत्रालय
विषय-सूची
योजना के
दिशानिर्देश पृष्ठ
सं0
1
पृष्ठभूमि
2
योजना
के उद्देश्य
2.1 अल्पावधिक
उद्देश्य:-
2.2 दीर्घावधिक
उद्देश्य:-
3
योजना
लाभग्राही
3.1 युवा और
किशोर की
परिभाषा:-
3.2 योजना के
अंतर्गत
लक्ष्यगत
युवा और
किशोर:-
3.3 जेंडर
बजटिंग
4
कार्यक्रम
घटक
3.1
कार्यक्रम
घटक:-
3.2
प्रचलनात्मक
दिशानिर्देश:-
5
योजना
का
कार्यान्वयन
5.1
पात्रता:-
5.2
प्रस्ताव
का
प्रस्तुतीकरण:-
5.3
परियोजना
का तरीका:-
5.4
परियोजना
प्रस्ताव के
प्रस्तुतीकरण
के लिए
प्रारुप:-
5.5
परियोजना
मूल्यांकन
समिति:-
5.6
पीआइए
को निधि जारी
करना:-
5.7
दूसरी
किस्त के लिए
प्रलेखों का
प्रस्तुतीकरण:-
5.8
पूर्व
स्वीकृत
परियोजनाओं
के लिए
वित्तपोषण:-
5.9
योजना
के
दिशानिर्देशों
और लागत
मानकों में संशोधन
6
वित्तीय
सहायता का
पैटर्न
6.1
जटिल
कार्यक्रम
घटक:-
6.2
अधिकतम
सीमा:-
7
निगरानी
और मूल्यांकन
अनुबंध: प्रचालनात्मक
दिशानिर्देश
क: युवा
नेतृत्व और
व्यक्तित्व
विकास
परियोजनाएं
ख: युवाओं के
बीच
राष्ट्रीय
एकीकरण का
संवर्धन
ग: युवाओं के
बीच साहस का
संवर्धन
घ: किशोरों
का विकास और
अधिकारिता
ड.: तकनीकी
और संसाधन
विकास
परिशिष्ट: आवेदन
प्रारुप
1: योजना
के अंतर्गत
सहायता
अनुदान के लिए
आवेदन
प्रपत्र
2: राष्ट्रीय
युवा
पुरस्कार
(व्यक्तिगत)
के लिए आवेदन
प्रपत्र
3: राष्ट्रीय
युवा
पुरस्कार
(संगठन) के लिए
आवेदन
प्रपत्र
4: तेनजिंग
नॉर्गे
राष्ट्रीय साहस
पुरस्कार के
लिए आवेदन
प्रपत्र
राष्ट्रीय
युवा
और किशोर
विकास
कार्यक्रम
(11वीं
पंचवर्षीय
योजना के लिए
सामान्य
दिशानिर्देश)
1
पृष्ठभूमि
1.1 राष्ट्रीय युवा और किशोर विकास कार्यक्रम (एनपीवाइएडी) के शीर्षक वाली योजना को 10वीं योजना के दौरान युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय की 100% केन्द्रीय सहायता अनुदान वाली चार स्कीमों नामत: युवा संबंधी गतिविधियों का राष्ट्रीय एकीकरण का संवर्धन, साहस का संवर्धन तथा किशोरों के विकास एवं अधिकारिता को मिलाकर तैयार किया गया है | इसका उद्देश्य एक जैसे लक्ष्यों वाली स्कीमों की संख्या कम करना, वित्तपोषण के पैटर्न तथा कार्यान्वयन कार्यप्रणाली में एकसूत्रता सुनिश्चित करना, कार्य क्षेत्र स्तर पर निधि की उपलब्धता में होने वाले विलंब को दूर करना तथा परियोजना तैयार करने व उसके कार्यान्वयन में राज्य सरकारों को शामिल करना है | इससे प्रचालन तंत्र व कार्यक्रम कार्यान्वयन में सहभागिता व अभिसरण होगा तथा योजना के अंतर्गत प्रत्येक घटक के वित्तीय पैरामीटर के संबंध में स्पष्टता होगी |
1.2 हालांकि 10वीं पंचवर्षीय योजना के अंतिम वर्ष 2006-07 के दौरान योजना में प्रक्रियात्मक परिवर्तन किए गए थे पर यह महसूस किया गया था कि योजना को सार, प्रभाव और परिणाम के संदर्भ में और अधिक सार्थक बनाने के लिए इसकी पुन: संरचना किए जाने की आवश्यकता है | 11वीं पंचवर्षीय योजना के संदर्भ में 11वीं पंचवर्षीय योजना को तैयार करने के लिए योजना आयोग द्वारा गठित कार्य समूह ने योजना की समीक्षा की थी | कार्य समूह ने सिफारिश की है कि पुन:संरचित योजना में उत्पन्न होने वाली जरुरतों व आवश्यकताओं पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए तथा साथ ही कार्यान्वयन संगठन की क्षमता, कार्यक्रम सार और प्रशिक्षण के तरीकों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए | इनका अनुपालन करते हुए तथा 11वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान जीरो बेस बजट के संदर्भ में सभी चारों स्कीमों को एकछत्र योजना में शामिल कर लिया है |
1.3 11वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान संशोधित एकछत्र योजना युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय द्वारा 100% केन्द्रीय क्षेत्र योजना के रुप में प्रचालित की जाएगी |
2
योजना के
उद्देश्य
2.1
अल्पावधिक
उद्देश्य:-
§ पूर्ण क्षमता का पता लगाने के लिए किशोरों सहित युवाओं को पूर्ण विकास के लिए अवसर प्रदान करना;
§ युवाओं में नेतृत्व गुण और वैयक्तिक विकास करना तथा उनकी उर्जा को सामाजिक आर्थिक विकास तथा देश के विकास हेतु प्रयोग करना;
§ युवाओं के सृजनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से राष्ट्रीय एकीकरण का संवर्धन करना तथा धर्मनिरपेक्ष परिदृश्य सुदृढ़ करना;
§ युवाओं के बीच साहस, जोखिम उठाने, टीमवर्क तथा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करने तथा उसके लिए तैयार रहने की भावना भरना;
§ किशोरों को युवाओं के बीच एक उप-समूह के रुप में मान्यता देना तथा उनकी विशेष जरुरतों पर ध्यान देना और साथ ही उनके समग्र विकास के लिए सकारात्मक उत्प्रेरक व अनुकूल पर्यावरण प्रदान करना और
§ युवा और किशोरों से संबंधित मुद्दों पर अनुसंधान व प्रकाशन तथा सूचना व डाटाबेस के विकास सहित तकनीकी संसाधनों के संवर्धन को प्रोत्साहित करना|
2.2
दीर्घावधिक
उद्देश्य:
§ देश के विकास के लिए युवाओं की उर्जा का सकारात्मक तरीके से उपयोग करना;
§ युवाओं के बीच राष्ट्रीय मूल्य जैसे लोकतंत्र, समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता हेतु गौरव की भावना विकसित करना;
§ एसी गतिविधियों और कार्यक्रमों का संवर्धन करना जो युवाओं के बीच सामाजिक सदभावना और राष्ट्रीय एकता बढ़ाएं;
§ देश के विभिन्न भागों के युवाओं के बीच राष्ट्रीय एकीकरण, अनेकता में एकता, भारतीय होने में गौरव की भावना को बढ़ाना और साथ ही युवाओं के बीच सामाजिक सदभावना को बढ़ाना;
§ ग्रामीण क्षेत्रों में ज्ञान को बढ़ाने व उनको राष्ट्रीय निर्माण की प्रक्रिया में शामिल करने हेतु एक केन्द्र बिंदु के रुप में कार्य करने के लिए युवाओं को प्रेरित करना;
§ किशोरों के विकास एवं अधिकारिता के लिए कार्य को उत्प्रेरित करना विशेषकर समाज के आर्थिक व सामाजिक रुप से उपेक्षित/पिछड़े वर्गों के लिए;
§ एक एसे पर्यावरण का निर्माण व विकास करना जोकि देश के किशोरों की विशेष आवश्यकताओं को समझें तथा किशोरों के अनुकूल सेवाएं प्रदान करें |
3
योजना
लाभग्राही
3.1 युवा और किशोर की परिभाषा: योजना के उद्देश्य के लिए युवा और किशोर की परिभाषा व्यापक राष्ट्रीय युवा नीति में दी गयी परिभाषा के समान होगी | दूसरे शब्दों में योजना के अंतर्गत 13 से 35 आयु समूह के व्यक्ति “युवा” के अंतर्गत कवर होंगे तथा 10-19 आयु समूह के व्यक्ति “किशोर” के अंतर्गत कवर होंगे |
3.2 योजना के अंतर्गत लक्ष्यगत युवा और किशोर: कार्यक्रम के अंतर्गत लक्षित लाभग्राहियों में नेहरु युवा केन्द्र संगठन से संबद्ध युवा क्लब, राष्ट्रीय सेवा योजना, राज्य सरकार युवा संगठन, भारत स्काउट एवं गाइड तथा स्कूल, कालेज व विश्वविद्यालयों में विद्यार्थी युवा शामिल हैं | अन्य स्थापित युवा संगठनों या गैर-सरकारी संगठनों के किशोर व युवाओं पर विचार किया जाएगा बशर्तें कि वे एसे संगठनों के पंजीकृत सदस्य हों | विशेष क्षमताओं वाले युवाओं तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक और कमजोर वर्गों के युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी |
3.3 जेंडर बजटिंग: लाभग्राहियों के चयन में महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी और यह ध्यान रखा जाएगा कि लाभग्राहियों में से कम से कम एक-तिहाइ महिलाएं हों |
4
कार्यक्रम
घटक
4.1 कार्यक्रम घटक: एकछत्र योजना में निम्नलिखित मुख्य कार्यक्रम और उनके घटक होंगे:-
|
क्र0सं0 |
कार्यक्रम का नाम |
घटक |
|
क |
युवा नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास |
i युवा नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास प्रशिक्षण |
|
ख |
राष्ट्रीय एकीकरण का संवर्धन |
1 राष्ट्रीय एकीकरण शिविर 2 अंतर राज्यीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम 3 बहु सांस्कृतिक गतिविधियां 4 राष्ट्रीय युवा महोत्सव 5 राज्य युवा महोत्सव 6 राष्ट्रीय युवा पुरस्कार |
|
ग |
साहस का संवर्धन |
1 भारत में बुनियादी और मध्य स्तर पर साहस का संवर्धन 2 भारत में अभियान सहित अग्रिम स्तर पर साहस का संवर्धन 3 मान्यता-प्राप्त संस्थानों को अनुदान 4 तेनजिंग नॉर्गे राष्ट्रीय साहस पुरस्कार |
|
घ |
किशोरों का विकास और अधिकारिता |
1 जीवन कौशल शिक्षा 2 परामर्श 3 जीविका मार्गदर्शन 4 रिहायशी शिविर |
|
ड़ |
तकनीकी और संसाधन विकास |
1 पर्यावरण निर्माण 2 युवा मुद्दों पर अनुसंधान और अध्ययन 3 प्रलेखीकरण एवं प्रकाशन 4 युवा अथवा किशोर मुद्दों, राष्ट्रीय एकीकरण और साहस पर सेमिनार, सम्मेलन, प्रदर्शनी और कार्यशालाएं |
4.2 प्रचालनात्मक दिशानिर्देश: प्रत्येक कार्यक्रम के प्रचालनात्मक दिशानिर्देश तथा प्रत्येक कार्यक्रम के अंतर्गत गतिविधियां, वित्तीय सहायता के लिए पात्र संस्थान/संगठन और अनेक वित्तीय मानदंड सामान्य दिशानिर्देशों में अनुबंध “क”, “ख”, “ग” “घ” और “ड़” में दिए गए हैं |
5
योजना का
कार्यान्वयन
संशोधित मानदंड
5.1 पात्रता
योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता के लिए निम्नलिखित संगठन पात्र हैं:-
(क) अखिल भारतीय संगठन
(i) नेहरू युवा केंद्र संगठन (मुख्यालय)-नेहरू युवा केंद्रों के लिए
(ii) रा.से.यो. यूनिटों के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना (कार्यकम सलाहकार प्रकोष्ठ)
(iii) अपनी यूनिटों के लिए भारत स्काउट्स एंड गाइड्स (मुख्यालय)
(iv) मान्य विश्वविद्यालय सहित विश्वविद्यालय
(v) भारतीय विश्वविद्यालय संघ
(vi) हिमालय पर्वतारोही संस्थान, भारतीय पर्वतारोही प्रतिष्ठान, जवाहर पर्वतारोही संस्थान और शीतकालीन क्रीड़ा तथा मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त अन्य साहसिक संस्थान ।
(vii) राष्ट्रीय एकता, साहसिक कार्य के संवर्द्धन तथा किशोरों के विकास और सशक्तिकरण के संवर्द्धन की योजना को क्रियान्वित करने के लिएह युवा कार्यक्रम विभाग के सूचीबद्ध/मान्यताप्राप्त संगठन ।
(ख) राज्य स्तरीय संगठन (रा.स्त.सं.) अर्थात
(i) राज्य सरकारों, युवा कार्यक्रम/युवा कल्याण के लिए राज्य के विभाग/निदेशालय तथा राज्यों में जिला स्तरीय अन्य अधिकारी
(ii) पंचायती राज संस्थान तथा शहरी स्थानीय निकाय
(iii) पालिटेकनिक सहित शैक्षिक संस्थान
5.2 युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के उपर्युक्त पैरा 5.1 (क) में उल्लिखित अखिल भारतीय संगठनों से प्रस्ताव सीधे प्राप्त होंगे । इनमें उपरोक्त क्र0 सं0 5.1 (ख) (ii) और (iii) पर उल्लिखित पंचायती राज संस्थान तथा शहरी स्थानीय निकाय तथा पालिटेकनिक सहित शैक्षिक संस्थान शामिल नहीं हैं जो अपने प्रस्ताव संबंधित राज्य सरकार/संघ क्षेत्र प्रशासन के युवा कार्यक्रम विभाग के माध्यम से भिजवाएंगे ।
5.2 (i) युवा नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम, नेहरू युवा केंद्र संगठन (नेयुकेसं) के माध्यम से क्रियान्तित किए जाएंगे ।
5.2 (ii) तकनीकी और संसाधन विकास कार्यक्रम, राजीव गांधी राष्ट्रीय विकास संस्थान (आरजीएनआईवाईडी) के माध्यम से क्रियान्वित किया जाएगा।
5.3 परियोजना प्रणाली: योजना को परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों (पीआइए) के माध्यम से परियोजना मोड में कार्यान्वित किया जाएगा | पीआइए योजना के अंतर्गत एक या अधिक कार्यक्रम घटक को शामिल करके परियोजना प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकता है परंतु परियोजना पर विचार पीआइए के पास उपलब्ध पूर्व अनुभव व संसाधन (अवसंरचना और तकनीकी श्रमशक्ति) पर निर्भर करेगा | पीआइए द्वारा परियोजना प्रस्ताव तैयार करने के लिए निम्नलिखित पैरामीटर अनिवार्य है:-
परिशिष्ट-1
राष्ट्रीय
युवा एवं
किशोर विकास
कार्यक्रम
की
योजना के
तहत
सहायता-अनुदान
के लिए
आवेदन
प्रपत्र
भारत
सरकार
युवा
कार्यक्रम और
खेल मंत्रालय
परिशिष्ट-1
संलग्न
किए जाने वाले
दस्तावेजों
की चैक-लिस्ट
|
क्र0सं0 |
दस्तावेजों
का नाम |
पृष्ठ
संदर्भ (----से---तक) |
|
1 |
आवेदक/हस्ताक्षरकर्ता
की आयकर पैन
संख्या |
|
|
2 |
वैधता
दर्शाने
वाला
पंजीकरण
प्रमाणपत्र
(अभिप्रमाणित
प्रति) |
|
|
3 |
संगठन
के संशोधनों
सहित उप नियम,
यदि कोइ हो, परिणामत:
उप नियम
तैयार करने
के लिए |
|
|
4 |
फोन
नम्बरों
सहित प्रबंध
समिति/कार्यकारिणी
समिति की
अधुनातन
संरचना |
|
|
5 |
बैंक
एकाउंट पास
बुक की यह
दर्शाने
वाली प्रति
कि खाता
पिछले तीन
वर्षों से
चालू है |
|
|
6 |
साक्ष्य
विवरणों
सहित विधिवत
रुप से
हस्ताक्षरित
बंधपत्र
(भाग-ग पर दिए
गए
प्रोफार्मा
के अनुसार) |
|
|
7 |
इसीएस
प्रमुख
फार्म (भाग-घ
पर दिए गए
प्रोफार्मा
के अनुसार) |
|
|
8 |
पिछले
तीन वित्त
वर्षों की
वार्षिक
रिपोर्ट वित्त
वर्ष --------------------- वित्त
वर्ष --------------------- वित्त
वर्ष --------------------- |
|
|
9 |
पिछले
तीन वित्त
वर्षों के
तुलन-पत्र वित्त
वर्ष --------------------- वित्त
वर्ष --------------------- वित्त
वर्ष --------------------- |
|
|
10 |
पिछले
तीन वित्त
वर्षों के
लेखा-परीक्षित
लेखे वित्त
वर्ष --------------------- वित्त
वर्ष --------------------- वित्त
वर्ष --------------------- |
|
|
11 |
पिछले
अनुदानों के
संबंध में
युवा
कार्यक्रम
और खेल
मंत्रालय से
उपभोग
प्रमाण-पत्रों
की प्रतियां |
|
|
12 |
अन्य
दस्तावेज (विनिर्दिष्ट
करें, यदि कोइ
हो) |
|
परिशिष्ट-1
(भाग -क:
संगठन
मूल्यांकन
प्रपत्र)
(अधूरे अथवा आंशिक रुप से भरे हुए फार्म स्वीकार नहीं किए जाएंगे)
क 1. संगठन का नाम:-----------------------------------------------------------------
क 2. कृपया
चिह्नित (टिक)
करें कि क्या
संगठन निम्नलिखित
में से है:-
)
केन्द्र
सरकार/विभाग
अथवा केन्द्र
सरकार का निकाय/रासेयो/नेयुकेसं
------------------
)
राज्य
सरकार/विभाग
अथवा राज्य
सरकार का निकाय
------------------
)
अन्य:
------------------------------------------------------------------------
क 3. आवेदक का नाम: ---------------------------------------------------------------
क 4. आवेदक की आयकर पैन संख्या: -------------------------------------------------
क 5. संपर्क का पता: -----------------------------------------------------------------
) ग्राम: -------------------------------------------------------------------------
)
डाकघर:
---------------------------------------------------------------------
)
तालुका:
-----------------------------------------------------------------------
)
पुलिस
स्टेशन:
----------------------------------------------------------------
)
जिला:
-----------------------------------------------------------------------
)
राज्य:
-----------------------------------------------------------------------
)
पिन कोड:
--------------------------------------------------------------------
)
टेलीफोन
नं0:
-----------------------------------------------------------------
)
फैक्स नं0:
--------------------------------------------------------------------
)
इ-मेल: -----------------------------------------------------------------------
क 6.
क्या संगठन
गैर-सरकारी
संगठन है अथवा
किसी राज्य/केन्द्र
के कानून के
अंतर्गत
पंजीकृत है ?
) पंजीकरण संख्या: ----------------------- दिनांक-------------------------------
) कब तक वैध है----------------------------------------------------------------
) पंजीकृत करने वाला प्राधिकारी--------------------------------------------------
) शाखाओं अथवा कार्यालयों का विवरण (यदि कोइ हो):
|
राज्य/ संघ राज्य क्षेत्र |
शाखा कार्यालय का पता व संपर्क के फोन नम्बर |
शाखा के प्रचालनरत होने की तारीख |
पिछले तीन वर्षों की गतिविधियों का संक्षिप्त ब्योरा |
|
|
|
|
|
क 7:
बैंक के खाते
का विवरण:
() अदाकर्ता का नाम: ---------------------------------------------------------(बैंक के खाते के अनुसार)
() बैंक का नाम---------------------------------------------------------
() बैंक की शाखा (पूरा पता) ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
() राज्य---------------------- जिला---------------पिन कोड------------------
() बैंक खाता संख्या--------------- (शब्दों में) --------------------------------
() बैक खाते का प्रकार बचत/चालू----------------------------------------------
() खाता खोलने की तारीख-----------------------------------------------------
() आवेदन की तारीख तक बैंक में जमा राशि ----------------------------------
() बैंक का आइएफसी कोड-----------------------------------------------------
() बैंक में उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक स्थानांतरण का तरीका –इसीएस/आरटीजीएस/ एनइएफटी/सीबीएस---------------
() आहरण के लिए प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (हस्ताक्षर कर्ताओं) के नाम: ---------------------------------------------------------
() हस्ताक्षरकर्ता (हस्ताक्षर कर्ताओं) (यदि कोइ हो) के मुख्य प्रशासक के साथ संबंध---------------------------------------------------------
क 8. कार्यकारिणी/शासी
निकाय के
वर्तमान
सदस्यों का
विवरण:
(समझौता
ज्ञापन/उपनियमों
की प्रतियां
संलग्न करें)
|
क्र0सं0 |
नाम# |
पिता/पति/पत्नी का नाम |
टेलीफोन नं0 सहित पता |
अन्य सदस्यों के साथ संबंधों का विवरण |
|
1 |
|
|
|
|
|
2 |
|
|
|
|
|
3 |
|
|
|
|
|
4 |
|
|
|
|
|
5 |
|
|
|
|
|
6 |
|
|
|
|
|
7 |
|
|
|
|
|
8 |
|
|
|
|
|
9 |
|
|
|
|
|
10 |
|
|
|
|
|
11 |
|
|
|
|
|
12 |
|
|
|
|
# नोट1: यदि संगठन के मूल कार्यकारिणी/शासी निकाय में कोइ परिवर्तन किया गया हो तो स्वैच्छिक संगठन के कार्यकारिणी निकाय/प्रबंध समिति द्वारा पारित संकल्प की प्रति संलग्न की जाए अथवा इसके समर्थन में साक्ष्य दिए जाएं |
*नोट 2: कार्यकारिणी/शासी निकाय के सभी सदस्य संगठन की ओर से किसी भी प्रकार के कृताकृत के लिए सामूहिक रुप से अथवा पृथक रुप से उत्तरदायी हैं |
क 9. संगठन
की वित्तीय
स्थिति (पिछले
तीन वर्षों की
प्रतियां
संलग्न करें)
() आयकर और व्यय विवरण:
|
वित्त वर्ष |
आय रुपयों में |
व्यय रुपयों में |
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
() प्राप्ति और भुगतान:
|
वित्त वर्ष |
प्राप्ति रुपयों में |
भुगतान रुपयों में |
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
() पिछले लेखा-परीक्षित तुलन-पत्र के अनुसार संगठन की प्रमुख परिसंपत्तियां
|
परिसंपत्ति |
मुख्य मदें @ |
मूल्य लाख रु0 |
|
(1) नकद जमा |
|
|
|
(2) चल परिसंपत्तियां |
|
|
|
(3) अचल परिसंपत्तियां |
|
|
|
@ कृपया भूमि, भवन, वाहन, कंप्यूटर, अन्य उपकरणों इत्यादि सहित 10,000/-रु0 से अधिक अर्जित मूल्य की चल व अचल परिसंपत्तियों की सूची संलग्न करें | |
||
क 10. अन्य
मंत्रालय/विभाग/संगठन
से प्राप्त
अनुदानों का
रिकार्ड:
|
क्र0सं0 |
किससे प्राप्त हुआ |
प्राप्त राशि |
संस्वीकृति आदेश की सं0/तारीख |
अनुदान का उद्देश्य |
निपटाया गया लेखा (हां/नहीं) |
|
1 |
|
|
|
|
|
|
2 |
|
|
|
|
|
|
3 |
|
|
|
|
|
क 11. युवा
कार्यक्रम और
खेल मंत्रालय
से प्राप्त अनुदानों
का रिकार्ड:
|
क्र0सं0 |
संस्वीकृति (फाइल) सं0 |
संस्वीकृति आदेश की तारीख |
जारी की गयी राशि रु0 में |
निपटाया गया लेखा (हां/नहीं) |
उपभोग प्रमाण-पत्र की तारीख (प्रतियां संलग्न करें) |
|
1 |
|
|
|
|
|
|
2 |
|
|
|
|
|
|
3 |
|
|
|
|
|
|
4 |
|
|
|
|
|
|
5 |
|
|
|
|
|
क 12. क्या
संगठन को भारत
सरकार/राज्य
सरकार के किसी
मंत्रालय या
विभाग द्वारा
अनुदान देने
से कभी काली
सूची में डाला
गया है/वंचित
किया गया है:-
(यदि
नहीं, तो
स्पष्ट करें |
यदि हां, तो
ब्यौरा दें |)
प्रमाण-पत्र
प्रमाणित किया जाता है कि युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय से प्राप्त अनुदानों के संबंध में कोइ उपभोग प्रमाण-पत्र लंबित नहीं है और आवेदन में दी गयी जानकारी सही है तथा इनकी सत्यता के लिए मैं व्यक्तिगत रुप से उत्तरदायी हूं |
(आवेदक के हस्ताक्षर तारीख सहित)
आवेदक का नाम:-----------------------------
टेलीफोन नं/फैक्स नं--------------------------
मोबाइल नं0-------------------------
|
आवेदक का फोटो और उस पर हस्ताक्षर इस तरह से हों कि आधा फोटो पर और आधा आवेदन प्रपत्र पर हो |
परिशिष्ट-1
(भाग ख:
परियोजना
प्रस्ताव का
प्रारुपण)
ख 1. परियोजना का नाम:
(परियोजना का कार्यान्वयन करने वाली एजेंसी, परियोजना के लिए उपयुक्त नाम का चयन करें | नाम में परियोजना के जिले (जिलों) का भी उल्लेख होना चाहिए जहां यह कार्यान्वित की जाएगी |
ख 2. परियोजना कार्यान्वित करने वाली एजेंसी का नाम व स्थान (पीआइए): [(पीआइए कृपया संपर्क के ब्योरे सहित अपने संगठनात्मक ढांचे, मुख्यालय, शाखाओं, यदि हों, के ब्यौरे दें |]
ख 3. परियोजना के लक्ष्य:
(परियोजना के लक्ष्य सामान्य दिशानिर्देशों के पैरा 2 में दी गयी स्कीम के लक्ष्यों के अनुरुप होने चाहिए | तथापि, योजना में दिए गए लक्ष्यों से अलग, परियोजना के लक्ष्य सत्यापित किए जाने योग्य संकेतकों के साथ विनिर्दिष्ट किए जाने चाहिए ताकि परियोजना के पूरा होने के पश्चात स्वतंत्र मूल्यांकन करके आकलन किया जा सके)
ख 4. परियोजना का क्षेत्र:
(स्कीम के सामान्य दिशानिर्देशों के पैरा 5-3 (1) का संदर्भ)
|
क्र0सं0 |
राज्य का नाम |
जिले का नाम |
परियोजना के अंतर्गत शामिल किए जाने वाले ब्लॉक का नाम |
|
1 |
|
|
|
|
2 |
|
|
|
|
3 |
|
|
|
ख 5. परियोजना की अवधि:
(स्कीम के सामान्य दिशानिर्देशों के पैरा 5.3 (2) का संदर्भ)
ख 6. परियोजना के घटक:
(स्कीम के सामान्य दिशानिर्देशों के पैरा 4.1 तथा अनुबंधों के संदर्भ | परियोजना क्षेत्र के लिए प्रस्तावित घटक के मूल्यांकन की आवश्यकता के औचित्य का ब्यौरा स्पष्ट होना चाहिए राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में घटक का प्रभाव रेखांकित किया जाए)
|
क्र0सं0 |
परियोजना में प्रस्तावित कार्यक्रम क्षेत्र का नाम |
परियोजना में प्रस्तावित कार्यक्रम घटक (घटकों) के नाम |
प्रत्येक घटक के तहत लाए जाने वाले लाभार्थियों की सं0 |
|
|
(1) |
(2) |
(3) |
(4) |
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|||
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|||
|
नोट: कॉलम (1) व (2) में पंक्तियों की संख्या परियोजना में प्रस्तावित कार्यक्रम क्षेत्र की संख्या पर निर्भर करेगी | इसी प्रकार कॉलम (3) और (4) में प्रत्येक कार्यक्रम क्षेत्र के तहत अधिक/कम घटक प्रस्तावित किए जाने की परिस्थिति में पंक्तियां बढ़ायी/घटायी जा सकती हैं |
||||
ख 7. कार्यान्वयन करने वाली एजेंसी द्वारा परियोजना के लाभार्थियों के चयन की प्रणाली:
(स्कीम के सामान्य दिशानिर्देशों के पैरा 3 का संदर्भ | परियोजना के तहत लक्षित युवाओं की पहचान व भागीदारी के लिए राज्य/जिला/स्थानीय स्तर के युवा संगठनों के अधिकारियों की सहमति का ब्यौरा प्रस्तुत करने की आवश्यकता है)
|
क्र0सं0 |
जिला का नाम |
शामिल किए जाने वाले युवा संगठन (वाइओ) का नाम |
प्रत्येक युवा संगठन के लाभार्थियों की संख्या |
युवा संगठन की प्राप्त/प्राप्त होने वाली सहमति |
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ख 8. परियोजना के कार्यान्वयन के चरण:
(स्कीम के सामान्य दिशानिर्देशों के पैरा 5.3 (iii) के संदर्भ में तथा उपर मद ख 5 के संबंध में परियोजना के प्रारंभ से पूरा होने तक चरणों के ब्यौरे (माह-वार) का उल्लेख किया जाए)
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कार्यक्रम का चरण |
माह |
तारीख/सप्ताह सहित माह के दौरान प्रस्तावित गतिविधियां |
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प्रारंभिक चरण |
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गतिविधि के चरण |
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अनुवर्ती चरण |
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ख 9. परियोजना की गतिविधियों के लिए विस्तृत मॉडल:
(इसमें विषय, क्षेत्र शामिल किए जा सकते हैं जो प्रत्येक गतिविधि में आते हों | इसमें परियोजना के तहत प्रस्तावित गतिविधि के लिए दैनिक कार्यसूची भी शामिल की जाए)
ख 10. गतिविधियां किस प्रकार कार्यान्वित की जाएंगी (प्रत्येक गतिविधि के लिए अलग):
(यह बताएं कि परियोजना की गतिविधियों में किसको कैसे और कहां शामिल किया जाएगा | 2 सप्ताह के जीवनकौशल और व्यवसायिक प्रशिक्षण के मामले में युवा नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण संस्थान (टीआइ) जहां इन्हें आयोजित किया जाएगा, के ब्यौरे का उल्लेख करना आवश्यक है |
ख 11. कार्यान्वयन एजेंसी के पास उपलब्ध संसाधन (अवसंरचना, वित्त व श्रमशक्ति) (उपलब्ध सभी कार्मिक और बाहर से लगाए जाने वाले कार्मिकों के जीवन-वृत्त संलग्न किए जाएं)
ख 12. कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा जुटाए जाने वाले संसाधन:
(यह बताएं कि परियोजना की गतिविधियों में कैसे, कहां और किसे लगाया जाएगा)
ख 13. कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा पूर्व में आयोजित गतिविधियां और अनुभव (दस्तावेजी प्रमाण सहित विस्तृत रिकार्ड अलग से लगाए जाएं |):
(पिछले अनुभव मुख्यत: परियोजना के प्रस्तावित क्षेत्रों पर केन्द्रित होने चाहिए | अन्य अनुभव/विशेषज्ञताएं संक्षेप में उल्लिखित की जाएं)
ख 14. परियोजना के अपेक्षित परिणाम:
(परियोजना के उल्लिखित लक्ष्यों के अनुरुप अपेक्षित परिणाम होने चाहिए | उदाहरण के लिए, राष्ट्रीय एकीकरण शिविर के सफलतापूर्वक सम्पन्न होने का अर्थ निष्पादन की पूर्ण उपलब्धि होगी, जबकि परस्पर संपर्क से जैसे कि उत्तर पूर्व क्षेत्र अथवा जम्मू व कश्मीर से 25 युवा राष्ट्रीय एकीकरण का पोषण करेंगे जोकि परियोजना का आकलन करने योग्य परिणाम होंगे |)
ख 15. परियोजना के मूल्यांकन के संकेतक:
(उपर ख 3 में परियोजना के लक्ष्यों के संबंध में कार्यान्वयन एजेंसी को कम से कम 2 विभिन्न संकेतकों का उल्लेख करने की आवश्यकता है |)
ख 16. कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा मूल्यांकन व अनुवर्ती कार्रवाइ की पद्धति:
(यह बताएं कि कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा स्वयं-मूल्यांकन तथा लक्षित युवाओं के साथ अनुवर्ती कार्रवाइ किस प्रकार की जाएगी)
ख 17. कोइ अन्य सूचना:
ख 18. परियोजना की कुल अनुमानित लागत (विस्तृत अनुमान अलग से संलग्न किया जाए) :
ख 19. कार्यान्वयन एजेंसी का खुद का योगदान (सामान्य या नकदी का उल्लेख किया जाए |):
ख 20. मांगी गयी केन्द्रीय वित्तीय सहायता की कुल राशि:
(आवेदक के
हस्ताक्षर)
परिशिष्ट-1
(भाग-ग:
बंधपत्र)
(बंधपत्र 20 रु0 के स्टाम्प पेपर पर लिखा जाए तथा मूल रुप में हस्ताक्षर किए जाएं)
यह सबको ज्ञात हो कि हम -------------------------------------------------------------------------------------- (संगठन/गैर-सरकारी संगठन का नाम जैसा कि प्रमाणपत्रों में हो),----------------------राज्य के-------------------- स्थित कार्यालय के दिनांक----------------- पंजीकरण संख्या के अनुसार -------------------------------------------------------------------------------------- के कार्यालय द्वारा पंजीकृत होने
(पंजीकृत करने वाले प्राधिकारी का नाम तथा पूरा पता)
के बाद सोसायटीज रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1860 के अंतर्गत पंजीकृत एसोसिएशन (जिसे इसमें आगे बाध्यताधारी कहा गया है) हैं और भारत के राष्ट्रपति (जिन्हें इसमें आगे सरकार कहा गया है) के प्रति ------------------ रु0 (------------------------------------------------- (शब्दों में) की राशि के लिए वचनबद्ध और दृढ़तापूर्वक आबद्ध हैं | इस राशि का भुगतान मांग किए जाने पर बिना किसी विलंब के राष्ट्रपति को पूर्णत: और सही रुप में करने के लिए हम स्वयं को और अपने उत्तरवर्तियों तथा समनुदेशतियों को आबद्ध करते हैं |
2. वर्ष दो हजार और ------------ के -------------- माह के ------------ वे दिन को हस्ताक्षर किए गए |
3 बाध्यताधारी ने दिनांक ------------- के अपने पत्र सं0 -------------- द्वारा ---------------- रु0 की अनुदान के लिए केन्द्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के माध्यम से सरकार को अनुरोध प्रस्ताव भेजा है, और बाध्यताधारी --------------- रु0 की संपूर्ण राशि हेतु केन्द्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के पक्ष में इस बंधपत्र को अग्रिम में निष्पादित करने के लिए सरकार को भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार सहमत हो गये हैं | बाध्यताधारी सरकार द्वारा अनुमोदित/स्वीकृत प्रस्तावित राशि अथवा अन्य कोइ राशि को स्वीकार करने के लिए इच्छुक है | बाध्यताधारी इस शर्त के साथ प्रस्तावित राशि के इस बंधपत्र को निष्पादित करने के लिए इच्छुक है कि बाध्यताधारी इस राशि तक अथवा सरकार द्वारा अनुमोदित/स्वीकृत वास्तविक राशि, जो भी कम हो, तक बाध्य होगा | बाध्यताधारी सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले “स्वीकृति पत्र” में उल्लिखित शर्तों को स्वीकार करने के लिए भी इच्छुक है |
4 अब उपरोक्त लिखित बाध्यता की शर्त ऐसी है कि यदि बाध्यताधारी स्वीकृति पत्र में उल्लिखित सभी शर्तों को विधिवत पूरा करते हैं और उनका अनुपालन करते हैं, तो उपरोक्त लिखित बंधपत्र अथवा बाध्यता शून्य और निष्प्रभावी हो जाएगी अन्यथा पूर्णत: प्रवृत्त और प्रभावी रहेगी | यदि अनुदान का कुछ हिस्सा उस अवधि के समाप्त होने के बाद, जिसके अंतर्गत यह खर्च किया जाना अपेक्षित है, अप्रयुक्त रहता है तो बाध्यताधारी प्रतिवर्ष 10% (दस प्रतिशत) की दर से ब्याज सहित अप्रयुक्त शेष राशि वापस करने के लिए सहमत हैं बशर्ते कि स्वीकृति प्राधिकारी द्वारा इसे अगले वित्तीय वर्ष में ले जाने की सहमति न दी गयी हो | अनुदान की राशि ब्याज सहित वापस की जाएगी |
5 सोसायटी/ट्रस्ट सभी ऐसे आर्थिक तथा अन्य लाभ का मौद्रिक मूल्य सरकार को समर्पित/भुगतान करने के लिए सहमत और बाध्यताधारी हैं जो यह मुख्यत: सरकारी अनुदान में से सृजित/प्राप्त/निर्मित संपत्ति/भवन अथवा अन्य परिसंपत्ति के अप्राधिकृत उपयोग/से (जैसे परिसरों को पर्याप्त रुप में या उससे कम किराए पर देना अथवा परिसरों का अनुदान से भिन्न किसी अन्य प्रयोजन के लिए प्रयोग) जरिए या उपयोग के परिणामस्वरुप अथवा ग्रहण करें अथवा उसने प्राप्ति या ग्रहण किया है | युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय में सचिव, भारत सरकार अथवा संबंधित विभाग के प्रशासनिक प्रधान का निर्णय अंतिम होगा और उपर उल्लिखित मौद्रिक मूल्य से संबंधित सभी मामलों के बारे में, जिसे सरकार को समर्पित/भुगतान किया जाना है, सोसायटी/ट्रस्ट पर बाध्य होगा |
6 अनुदानग्राही की निष्पादन समिति के सदस्य
() लक्षित तारीखों तक सहायता अनुदान की शर्तों का पालन करेंगे जिसे स्वीकृति पत्र में विनिर्दिष्ट किया गया है और
() अनुदानों को डाइवर्ट नहीं करेंगे अथवा योजना अथवा संबंधित कार्य का निष्पादन किसी अन्य संस्था(ओं) अथवा संगठन(नों) को नहीं सौंपेंगे; और
() सहायता अनुदान पर लागू करार में विनिर्दिष्ट अन्य शर्तों का पालन करेंगे |
अनुदानग्राही द्वारा शर्तों का पालन न करने की स्थिति में अथवा बंधपत्र की शर्तों को भंग करने की स्थिति में, बंधपत्र के हस्ताक्षरकर्ता संयुक्त रुप से और पृथक रुप से से भारत के राष्ट्रपति को अनुदान की संपूर्ण अथवा आंशिक धनराशि उस पर 10% प्रति वर्ष की ब्याज दर से वापस करने के लिए उत्तरदायी होंगे | इस बंधपत्र पर स्टाम्प शुल्क सरकार देगी |
7 और यह प्रलेख इसका भी साक्षी है कि
(i) यदि यह प्रश्न उठता है कि संस्वीकृति पत्र में उल्लिखित कोइ शर्त भंग हुइ है या का उल्लंघन हुआ है तो सचिव, भारत सरकार, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय का निर्णय अंतिम होगा तथा बाध्यताधारी उसे मानने के लिए बाध्य होगा; और
(ii) इन प्रलेखों पर स्टाफ शुल्क सरकार देगी |
इसके साक्ष्यस्वरुप ये प्रलेख निम्नलिखित रुप में बाध्यताधारी के शासी निकाय द्वारा पारित दिनांक ----------------- के संकल्प सं0----------- के अनुसरण में यहां उपर लिखित तारीख को बाध्यताधारी की ओर से निष्पादित किए गए और इसकी एक प्रति अनुबंध ख के रुप में संलग्न है (गैर-सरकारी संगठन/अनुदानग्राही द्वारा संलग्न की जाए)
--------------------------------------------- के लिए और उन की ओर से हस्ताक्षर किए गए |
---------------------------------
(अनुदानग्राही के हस्ताक्षर)
बाध्यताधारी एशोसिएशन का पंजीकृत नाम -------------------------------------------------------
पत्राचार का पूरा पता --------------------------------------------------------------------------------------------------------------
टेलीफोन नं0 -------------------------- मोबाइल नं0 -----------------------------
इ-मेल का पता (यदि उपलब्ध हो) ---------------------------फैक्स नं0--------------------------------------
निम्नलिखित
की उपस्थिति
में
हस्ताक्षर
किए गए
(साक्षी का
नाम और पता)
(i) ---------------------------------------------------------------------
(ii) ---------------------------------------------------------------------
भारत के राष्ट्रपति के लिए और उनकी
ओर से स्वीकृत
(मोहर)
---------------------------------------
(नाम
और पता)
पदनाम----------------------------------
दिनांक:
परिशिष्ट-1
भाग-घ:
इलेक्ट्रॉनिक
क्लियरिंग
सेवा अधिदेश फार्म)
(फार्म सं0इ0-5: रिजर्व बैंक आफ इंडिया की प्रक्रियागत दिशानिर्देश नवम्बर, 2007 की प्रक्रियात्मक इलेक्ट्रॉनिक क्लियरिंग सर्विस (क्रेडिट क्लियरिंग) परिशिष्ट-viii का संदर्भ)
बैंक संदर्भ सं0---------------
1)
अनुदान
ग्राही/अदाकर्ता
का नाम:
2)
बैक के
खाते का विवरण
क बैंक का नाम:
ख शाखा का नाम:
पता:
टेलीफोन:
ग बैक द्वारा जारी किए गए एमआइसीआर चेक पर दर्शाए
गए बैंक व शाखा का 9 अंकों का कोड नं0
घ कोड (10/11/13) सहित खाते का प्रकार (एस.बी.,
चालू या नकद क्रेडिट)
ड लेजर व लेजर फोलियो सं0:
च खाता नं0 (जो चैक बुक पर दिखाया गया है)
(कृपया उपर्युक्त विवरणों के सत्यापन के लिए आपके बैक द्वारा जारी किए गए चैकों में से खाली/रद्द किए गए चैक अथवा एक चैक की फोटोप्रति अथवा बचत खाते के पास बुक के प्रथम पृष्ठ की फोटो प्रति संलग्न करें 1)
4
लागू
होने की
तारीख:
मैं एतद्द्वारा यह घोषित करता हूं कि उपर्युक्त दिया गया विवरण सही और पूरा है | अधूरी या गलत जानकारी के कारण, यदि लेन-देन में विलंब होता है या लेन-देन नहीं हो पाता है तो मैं उपभोगकर्ता संस्था को दोषी नहीं ठहराउंगा | मैं युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय को मेरे उपर्युक्त बैंक खाते में सहायता-अनुदान सीधे ही संवितरित करने के लिए प्राधिकृत करता हूं |
(-------------------------)
निवेशक/ग्राहक के हस्ताक्षर
(दिनांक: -----------------)
प्रमाणित
किया जाता है
कि उपर्युक्त
विवरण हमारे
रिकार्ड के
अनुसार सही
हैं |
दिनांक:
बैंक की मोहर (-----------------------)
बैक के अधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर
परिशिष्ट-1
(भाग-ड.: एसएलओ
के लिए
सिफारिश)
वित्त वर्ष ------------------- के लिए भारत सरकार, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के अनुमोदन हेतु ------------------------------------------------ परियोजना प्रस्ताव की निम्न प्रकार सिफारिश की जाती है:-
(1) राज्य/संघ राज्य क्षेत्र सरकार ने प्रस्ताव का विधिवत मूल्यांकन किया है तथा राज्य/संघ राज्य क्षेत्र को आबंटित परियोजनाओं ----------------- परियोजनाओं के लिए प्राथमिकता नं0 ------------------- प्रदान की है |
(2) परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी के पास परियोजना में कार्यक्रम के संचालन के लिए अपेक्षित अवसंरचना, वित्तीय क्षमता व श्रमशक्ति है |
(सिफारिश करने वाले अधिकारी के हस्ताक्षर)
पूरा नाम --------------------------------
पदनाम ----------------------------------
कार्यालय की मोहर
परिशिष्ट-2
राष्ट्रीय
युवा
पुरस्कार के
लिए आवेदन
प्रपत्र
(अलग-अलग
व्यक्तियों
के लिए)
|
3
फोटो: एक को यहां चिपकाया जाए तथा 2 को अलग से संलग्न लिफाफे में रखा जाए |
() संपर्क का पता:
() स्थायी पता:
(कृपया 300 शब्दों का एक संक्षिप्त नोट संलग्न करें जिसमें समुदाय को प्रभावित करने वाले ठोस कार्य का विवरण हो)
जिला
स्तरीय चयन
समिति की
सिफारिश
जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा जिले में आवेदक को दी गयी मेरिट का क्रम:
(जिला स्तरीय चयन
समिति के अध्यक्ष के हस्ताक्षर,
कार्यालय की मोहर, पूर्ण डाक पते व
टेलीफोन नं0 सहित)
स्थान:
दिनांक:
राज्य
स्तरीय चयन
समिति की
सिफारिश
राज्य स्तरीय चयन समिति द्वारा आवेदक को दी गयी मेरिट का क्रम:
(अध्यक्ष के हस्ताक्षर कार्यालय की
मोहर, पूर्ण डाक पते व
टेलीफोन नं0 सहित)
स्थान:
दिनांक:
*राष्ट्रीय युवा पुरस्कार के लिए अधूरे आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे |
*उम्मीदवार के तीन पासपोर्ट आकार के फोटो संलग्न किए जाएं |
परिशिष्ट-3
राष्ट्रीय
युवा
पुरस्कार (संगठन)
के लिए आवेदन
प्रपत्र
(कृपया पिनकोड, टेलीफोन/फैक्स/मोबाइल नं लिखें)
(कृपया अंग्रेजी अथवा हिंदी में पंजीकरण प्रमाण पत्र की प्रमाणित प्रति संलग्न करें)
(कृपया 300 शब्दों का एक संक्षिप्त नोट संलग्न करें जिसमें समुदाय को प्रभावित करने वाले ठोस कार्य का विवरण हो)
जिला
स्तरीय चयन
समिति की
सिफारिश
जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा संगठन को जिले में दी गयी वरीयता-क्रम:
(जिला स्तरीय चयन
समिति के अध्यक्ष के हस्ताक्षर
कार्यालय की मोहर, पूर्ण डाक पते व
टेलीफोन नं0 सहित)
स्थान:
दिनांक:
राज्य
स्तरीय चयन
समिति की
सिफारिश
राज्य स्तरीय चयन समिति द्वारा आवेदक को दिया गया वरीयता-क्रम:
(राज्य स्तरीय चयन
समिति के अध्यक्ष के हस्ताक्षर
कार्यालय की मोहर, पूर्ण डाक पते व
टेलीफोन नं0 सहित)
स्थान:
दिनांक:
टिप्पणी:
कृपया ध्यान दें:
*राष्ट्रीय युवा पुरस्कार के लिए अधूरे आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे |
*मुख्य कार्यपालक और एक सदस्य जो चयन हो जाने के बाद पुरस्कार प्राप्त करेंगे, के पासपोर्ट आकार के तीन फोटो संलग्न करें |
परिशिष्ट-4
तेनजिंग
नॉर्गे
राष्ट्रीय
युवा
पुरस्कार के
लिए आवेदन
प्रपत्र
|
3
फोटो: एक को यहां चिपकाया जाए तथा 2 को अलग से संलग्न लिफाफे में रखा जाए |
क संपर्क का पता:
ख स्थायी पता:
(हस्ताक्षर)
सिफारिश करने वाले प्राधिकारी के हस्ताक्षर मुहर सहित
स्थान:
दिनांक:
अनुबंध-ग
युवाओं
में साहस के
संवर्धन के
लिए संचालनात्मक
दिशानिर्देश
1
उद्देश्य
1.1 साहसिक गतिविधियों का उद्देश्य युवाओं में जोखिम लेने की, मिलकर टीम वर्क करने की, चुनौतीपूर्ण स्थितियों में तैयार रहने और महत्वपूर्ण कार्य करने की क्षमता और साहस का सृजन करना और उसे बढ़ावा देना है | इससे युवाओं की अदम्य उर्जा, उत्साह और कल्पना शक्ति को एक रचनात्मकता और खुशी मिलती है | यह एक ओर सभी युवाओं को साहसिक सुविधाएं प्राप्त करने का अवसर देने के लिए और दूसरी ओर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पहली पीढ़ी की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए है जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में गैर—छात्र युवाओं पर विशेष बल दिया जाएगा | इस योजना का उद्देश्य साहसिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए संस्थागत अवसंरचना का सृजन करना और उन्हें सुदृढ़ करना भी है |
2
कार्यक्रम
के घटक
इस योजना में निम्नलिखित गतिविधियों को संचालित करने के लिए सहायता अनुदान के रुप में वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है:-
() भारत में बुनियादी और माध्यमिक स्तर की साहसिक गतिविधियां;
() भारत में उन्नत स्तर की साहसिक गतिविधियां;
()
उपयुक्त
स्थलों पर
साहसिक
प्रशिक्षण
और/अथवा
जागरुकता
शिविर;
()
साहस के
संबंध में
विशेषज्ञों
द्वारा कुछ प्रदर्शनकारी
गतिविधियों
सहित सेमिनार,
कार्यशालाएं,
फिल्म/स्लाइड
शो, प्रदर्शनियां,
महोत्सव;
()
साहस के
संवर्धन के
लिए मान्यता
प्राप्त संस्थानों
को सहायता; तथा
()
तेनजिंग
नॉर्गे
राष्ट्रीय
साहस
पुरस्कार |
3
इस
कार्यक्रम के
तहत
गतिविधियां
3.1 भारत में आधारभूत/माध्यमिक स्तर की साहसिक गतिविधियां: इस कार्यक्रम के अंतर्गत निम्नलिखित गतिविधियां चलायी जा सकती हैं:-
() भूमि पर: समुद्र तल से 8000 फुट की उंचाइ पर ट्रैकिंग, पर्वतारोहण, रॉक क्लाइबिंग आदि | कठिन तराइ में साइकिल चलाना; ग्रास स्कीइंग; स्नो स्कीइंग; बंगी जंपिंग तथा 1500 कि0मी0 तक (एक तरफा) वेहकल सफारी अर्थात 3000 किलोमीटर तथा कुल न्यूनतम पाँच वाहनों सहित |
()
समुद्र
में: लम्बी
दूरी तक
तैराकी,
सर्फिंग, बोर्ड
सेलिंग (विंड
सर्फिंग),
नौकायन,
स्नोरकेलिंग,
एलेमेंटरी
लेवल की
स्कूबा
डाइविंग, समुद्री
हलचलों
संबंधी
जागरुकता; पावर
बोटिंग तथा
लम्बी दूरी की
मोटर बोटिंग |
()
नदी में
व्हाइट/वाइल्ड
वाटर: लम्बी
दूरी तक
तैराकी,
राफ्टिंग,
क्याकिंग और
केनोइंग;
()
आकाश में:
एलेमेंटरी
पैरासेलिंग
बैलूनिंग तथा
हॉट एयर
बैलूनिंग
एण्ड
पैरासेलिंग;
()
अन्य:
उपयुक्त
प्रक्रिया का
पालन करके
प्रत्येक
साहसिक
प्रस्ताव के
गुण-दोष के
आधार पर तय की
जाएंगी |
3.2 भारत में उन्नत स्तर की साहसिक गतिविधियां: इस कार्यक्रम में निम्नलिखित गतिविधियां चलायी जा सकती हैं:-
() भूमि पर: 18000 फुट से अधिक की उंचाइ की चोटियों के पर्वतारोहण अभियान, सफारी और जंगल सफारी न्यूनतम 500 कि0मी0 के लिए, स्की जंपिंग और व्हीकल सफारी न्यूनतम 3000 किमी की (एकतरफा) |
()
समुद्र
में: समुद्र/सागर
में नौकायन,
लम्बी दूरी की
तैराकी,
सर्फिंग और
बोर्ड सेलिंग
(विंड
सर्फिंग), स्नोरकेलिंग,
उच्चतर स्तर
की स्कूबा
डाइविंग, केव
डाइविंग और
एक्सप्लोरेशन
|
()
नदी में: व्हाइट/वाइल्ड
वॉटर:
राफ्टिंग,
कयाकिंग, केनोइंग
|
()
आकाश में:
माइक्रो-लाइट
फ्लाइंग,
स्काइ
डाइविंग,
पावर्ड हैंग
ग्लाइडिंग,
स्की जंपिंग |
3.3 उपयुक्त स्थानों पर साहसिक प्रशिक्षण और/अथवा जागरुकता शिविर: इस कार्यक्रम के अंतर्गत, पहाड़ी क्षेत्रों, समुद्र तटों, जंगलों तथा ऐसे ही अन्य स्थानों पर एक सप्ताह का साहसिक शिविर जैसे जंगल सफारी/ट्रैकिंग, डेजर्ट सफारी/ट्रैकिंग, बीच ट्रैकिंग अथवा प्रशिक्षण/जागरुकता शिविर आयोजित किये जा सकते हैं जहां पर युवा पुरुषों और महिलाओं के समक्ष उन्हें प्रारंभिक प्रशिक्षण प्रदान करने से पहले विशेषज्ञों द्वारा कुछ प्रदर्शन योग्य गतिविधियां चलायी जा सकें | शिविर स्थल गतिविधि के अनुरुप होना चाहिए | इन कार्यक्रमों में भाग लेने वालों की न्यूनतम संख्या 100 तथा अधिकतम संख्या 300 होनी चाहिए | शिविर स्थल अस्पताल से तथा सार्वजनिक परिवहन उपलब्धता स्थल से ज्यादा दूर नहीं होना चाहिए | इस प्रकार के शिविर का मूल उद्देश्य युवाओं को साहसिक गतिविधियों के लिए वास्तविक अनुभव प्रदान करना है |
3.4
सेमिनार,
कार्यशालाएं,
फिल्म/स्लाइ
शो, प्रदर्शनियां,
महोत्सवों
सहित
विशेषज्ञों
द्वारा कुछ
प्रदर्शन
योग्य
गतिविधियां: इस
कार्यक्रम के
अंतर्गत
ग्रामीण और
शहरी दोनों
क्षेत्रों
में
गतिविधियां
आयोजित की जाएंगी
| रस्सी पर
चलना, टारजन
स्विंग, मंकी
क्राउलिंग और
ऐसी ही अन्य
गतिविधियां
जिनके लिए
किसी महंगे
उपकरण की
आवश्यकता
नहीं होती,
आयोजित की जाएंगी
| युवाओं से
प्रत्यक्ष
संवाद करने के
लिए प्रसिद्ध
पर्वतारोहियों
और साहसिक
व्यक्तियों
को आमंत्रित
किया जाएगा |
ऐसे सेमिनारों/कार्यशालाओं
और
प्रदर्शनियों
की अवधि न्यूनतम
एक दिन और
अधिकतम तीन
दिन होगी |
सहभागियों की
न्यूनतम
संख्या 100 और
अधिकतम
संख्या 300 होगी |
राष्ट्रीय
युवा महोत्सव
जो प्रतिवर्ष
12 से 16 जनवरी तक
आयोजित किया
जाता है, के
दौरान युवाओं
को ऐसा ही
अनुभव प्रदान
करने के लिए
एक साहस
महोत्सव
आयोजित किया जाएगा |
इस कार्य के लिए,
राष्ट्रीय युवा
महोत्सव के
आयोजक, युवा
कार्यक्रम और
खेल मंत्रालय
द्वारा तय की
गयी शर्तों के
आधार पर साहस
के क्षेत्र
में कार्यरत
प्रतिष्ठित
संगठनों और
साहसिक
गतिविधियों
में लगी
विख्यात हस्तियों
को आमंत्रित
कर सकते हैं |
4
मान्यता
प्राप्त
संस्थानों को
सहायता:
4.1 जिन मान्यता प्राप्त संस्थानों के साथ युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय का समझौता है उन्हें ब्लॉक अनुदान के माध्यम से निम्नलिखित के लिए वित्तीय सहायता दी जा सकती है:-
· युवाओं में साहस का संवर्धन मंत्रालय द्वारा अनुमोदित तरीकों और साधनों से करना;
· विभिन्न साहसिक गतिविधियों में युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करना, इस्तेमाल करने तथा सदस्यों को अनुमोदित शर्तों पर देने के लिए विभिन्न साहसिक उपकरणों को खरीदना;
· विशेषज्ञता और उपकरण दोनों के संबंध में साहसिक संसाधन केन्द्र विकसित करना तथा
· जिस किसी को भी आवश्यकता हो उसको परामर्श और बचाव सेवाएं उपलब्ध कराना |
4.2 इस
योजना में
भारतीय
पर्वतारोहण
संस्थान (आइएमएफ)
को देश में
पर्वतारोहण
संबंधी
गतिविधियों
पर निगरानी
रखने तथा
विदेश
मंत्रालय एवं गृह
मंत्रालय के
परामर्श से इस
देश की
भौगोलिक
सीमाओं में
आने वाले पर्वत
शिखरों के
पर्वतारोहण
अभियान पर
नियंत्रण रखने
वाले शीर्ष
निकाय के रुप
में भी
मान्यता प्राप्त
है | इस योजना
के अंतर्गत
ब्लाक अनुदान
प्राप्त करने
के लिए आइएमएफ
के अलावा
पात्र अन्य
राष्ट्रीय
स्तर के
संस्थान
रक्षा मंत्रालय
के तहत आने
वाले भारतीय
पर्वतारोहण संस्थान,
दार्जलिंग
(पश्चिम
बंगाल) तथा
जवाहर पर्वतारोहण
और शीतकालीन
खेल संस्थान,
पहलगाम (जम्मू
व कश्मीर) हैं |
4.3
जल में
साहसिक
गतिविधियों
के लिए इस
योजना के अंतर्गत
पर्यटन
मंत्रालय के
तहत आने वाले
नेशनल
इंस्टीटयूट
ऑफ वाटर
स्पोर्टस,
गोवा को जल
संबंधी
साहसिक गतिविधियों
पर निगरानी
रखने तथा
अनुदान
प्राप्त करने
के शीर्ष
निकाय के रुप
में मान्यता
प्राप्त है |
4.4
एयरो क्लब
आफ इंडिया, नइ
दिल्ली को
वायु संबंधी
साहसिक
गतिविधियों
पर निगरानी
रखने तथा अनुदान
प्राप्त करने
के शीर्ष निकाय
के रुप में
मान्यता
प्राप्त है |
4.5
साहस के
क्षेत्र में
अन्य
संस्थानों को
साहस के
संवर्धन के
दिशानिर्देशों
पर आधारित परियोजना
के आधार पर
सहायता
अनुदान
प्रदान किया जाएगा|
5
तेनजिंग
नॉर्गे
राष्ट्रीय
साहस
पुरस्कार:
5.1 पुरस्कार के उद्देश्य हैं:-
·
साहस के
क्षेत्र में
लोगों की
उपलब्धियों
को मान्यता
प्रदान करना |
·
युवाओं
में धैर्य,
जोखिम पूर्ण
कार्य करने,
मिलकर
टीमवर्क करने
तथा
चुनौतीपूर्ण
परिस्थितियों
में तेजी से,
तत्काल और
प्रभावी कार्य करने की
भावना के
विकास को प्रोत्साहित
करना |
·
युवाओं
को साहसिक
गतिविधियों
का अवसर
प्राप्त करने
के लिए
प्रोत्साहित
करना |
·
इस
पुरस्कार का
स्तर युवा
कार्यक्रम और
खेल मंत्रालय
द्वारा खेलों
के क्षेत्र
में प्रदान
किये जाने
वाले अर्जुन
पुरस्कार के
समान होगा |
5.2 तेनजिंग नॉर्गे राष्ट्रीय साहस पुरस्कार के लिए परिशिष्ट-4 में दिए गए प्रारुप में अनुशंसा की जा सकती है | यह अनुशंसा संबंधित राज्य सरकार के युवा/खेल विभाग द्वारा अथवा भारतीय पर्वतारोहण प्रतिष्ठान जैसे मान्यता प्राप्त साहसिक संस्थान के द्वारा अथवा सेना/नौसेना/वायु सेना अथवा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस अथवा ऐसे ही अन्य अर्ध-सैनिक बलों के साहस संवर्धन प्रकोष्ठ द्वारा की जा सकती है | सेना/नौसेना/वायु सेवा के सेवारत कार्मिकों के सभी नामांकन उनसे संबंधित साहस प्रकोष्ठ/निदेशालय के माध्यम से ही भेजे जाएं | इस पुरस्कार के लिए युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ऐसे अन्य संगठनों/एजेंसियों से, जिन्हें वह उपयुक्त समझे, नामांकन मंगवा सकता है अथवा स्वयं किसी व्यक्ति को नामित कर सकता है |
5.3 तेनजिंग नॉर्गे साहस पुरस्कार की निम्नलिखित मुख्य विशेषताएं हैं:-
· साधारणतया भूमि, समुद्र और वायु संबंधी साहसिक गतिविधियों के लिए, प्रत्येक के लिए एक से अधिक पुरस्कार नहीं दिया जाएगा | वर्ष में एक जीवनपर्यंत उपलब्धि पुरस्कार भी प्रदान किया जा सकता है | यह मंत्रालय विशेष कारणों से, जिन्हें लिखित रुप में रिकार्ड किया जाए, किसी वर्ष-विशेष में पुरस्कारों की संख्या में वृद्धि कर सकता है किंतु ऐसा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री के अनुमोदन से होगा |
· आवेदन परिशिष्ट-4 में संलग्न प्रपत्र में भेजा जाए जिसमें जिस व्यक्ति की अनुशंसा की गयी है उसका पिछला प्रदर्शन तथा जिस वर्ष के लिए पुरस्कार दिया जाएगा उस वर्ष के प्रदर्शन का विशेष रुप से वर्णन हो जो विनिर्दिष्ट वर्ष-दर-वर्ष आधार पर, उस वर्ष की तारीखों में ही हो | आपवादिक मामलों में भारत सरकार के निर्णयानुसार आवेदन भेजने की अंतिम तारीख में छूट दी जा सकती है |
· भारत सरकार उपर्युक्त अनुसार प्राप्त सभी आवेदनों की जांच के लिए एक विशेष समिति गठित करेगी तथा मंत्री (युवा कार्यक्रम और खेल) की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय चयन समिति को अपनी अनुशंसा भेजेगी |
· इस पुरस्कार के लिए पात्र होने के लिए, व्यक्ति का प्रदर्शन उत्कृष्ट होना चाहिए तथा उसमें नेतृत्व के उत्कृष्ट गुण, साहसिक अनुशासन की भावना होनी चाहिए |
· इस पुरस्कार के संबंध में भारत सरकार का निर्णय अंतिम होगा |
· इस पुरस्कार में निम्नलिखित होंगे:-
o एक कांस्य प्रतिमा;
o एक सम्मान स्क्रोल;
o एक ब्लेज़र सहित सिल्क की टाइ/साड़ी ;
o 3,00,000/-रु0 का नकद पुरस्कार अथवा उस वर्ष के लिए अर्जुन पुरस्कार के समान धनराशि | (यह पुरस्कार विजेताओं को भारत सरकार द्वारा अर्जुन पुरस्कार के विजेताओं के साथ ही दिया जाएगा |)
· पुरस्कार विजेता को उनके रहने के स्थान से पुरस्कार समारोह स्थल तक आने-जाने के लिए सबसे छोटे मार्ग से आने-जाने का हवाइ किराया तथा एसा अन्य वाहन किराया दिया जाएगा जो उस यात्रा के लिए उपयुक्त हो |
· पुरस्कार विजेता को पुरस्कार समारोह के लिए उपयुक्त स्थान पर निशुल्क भोजन और आवास भी प्रदान किया जाएगा |
· यहां रुकने के दौरान, पुरस्कार विजेता को स्वीकार्य महंगाइ भत्ते का 25% प्रदान किया जाएगा | उन्हें स्वीकार्य यात्रा महंगाइ भत्ता दिया जाएगा |
· प्रत्येक महिला और प्रत्येक शारीरिक रुप से नि:शक्त पुरस्कार विजेता के साथ आने वाले एक सहायक को भी उसी प्रकार यात्रा भोजन/आवास/महंगाइ भत्ता दिया जाएगा जैसा उस पुरस्कार विजेता को दिया जाएगा |
· किसी भी आवेदन के संबंध में किसी भी प्रकार का प्रचार उस आवेदन को अयोग्य बना देगा |
· एक ही वर्ग में किसी व्यक्ति को दूसरी बार पुरस्कार नहीं दिया जाएगा |
· पुरस्कार मरणोपरांत भी दिया जा सकता है, यदि ऐसी परिस्थिति हो |
· भारत सरकार किसी व्यक्ति का पुरस्कार रद्द अथवा निरस्त कर सकती है यदि सरकार के विचार में उन परिस्थितियों में ऐसा व्यक्ति पुरस्कार के लिए उपयुक्त न हो और तत्पश्चात पुरस्कार प्राप्तकर्ता को वह प्रतिमा तथा सम्मान स्क्रोल वापस करना होगा | तथापि, भारत सरकार पुरस्कार पुन: उसे वापस दे सकती है यदि सरकार उस रद्दीकरण अथवा निरस्तीकरण को वापस ले ले |
· इन नियमों की व्याख्या के संबंध में भारत सरकार का निर्णय अंतिम होगा तथा उसके विरुद्ध कोइ अपील नहीं की जा सकेगी |
· यह माना जाएगा कि जिस व्यक्ति के नाम की अनुशंसा की गयी है उसे ये नियम स्वीकार हैं |
6
सहायता
का पैटर्न
6.1 भारत में आधारभूत तथा माध्यमिक स्तर की साहसिक गतिविधियां: इस वर्ग में व्यय की स्वीकार्य मदें निम्नलिखित होंगी:-
(i) यात्रा व्यय: अनुदानग्राही के स्थान/रहने के स्थान के निकटतम रेलवे स्टेशन से साहसिक गतिविधि के निकटतम रेलवे स्टेशन तक और वापस भारतीय रेल की मेल/एक्सप्रेस ट्रेन की द्वितीय श्रेणी में | इसके अतिरिक्त, भूमि संबंधी साहसिक गतिवधियों के मामले में, जो स्थान रेल से नहीं जुड़े हैं उनके बीच राज्य सरकार की गैर-डीलक्स बस से जाने-आने का वास्तविक किराया |
(ii) भोजन और आवास: यात्रा के दिन सहित, साहसिक गतिविधि की पूरी अवधि के लिए प्रति व्यक्ति प्रति दिन 200/-रु0 की एक समान दर से | यात्रा के दिनों सहित इन गतिविधियों की कुल अवधि 30 दिन से अधिक नहीं होनी चाहिए |
(iii) उपकरण किराये पर लेना: यदि आवश्यक उपकरण किसी सरकारी एजेंसी से पर्याप्त प्रमाण सहित लिए जाते हैं तो वास्तविक किराया शुल्क | अन्यथा, उपकरण को किराये पर लेने/खरीदने के लिए अनुदान प्रति शिविर/प्रति व्यक्ति 1000/-रु0 तक सीमित होगा |
(iv) विशेष भत्ते: जल में और वायु में तथा बर्फ पर साहसिक गतिविधियों के लिए, इनकी विशेष आवश्यकताओं की पूर्ति और प्रोत्साहन के लिए, साहसिक गतिविधियों की अवधि के लिए अधिकतम 2000/-रु0 प्रति व्यक्ति का विशेष भत्ता |
(v) अधिकतम सीमा: इस कार्यक्रम के अंतर्गत किसी भी साहसिक गतिविधि के लिए प्रत्येक कार्यक्रम के लिए अनुदान 5.00 लाख रु0 से अधिक नहीं होना चाहिए |
6.2 भारत में उन्नत स्तर की साहसिक गतिविधियां: इस वर्ग में व्यय की स्वीकार्य मदें निम्नलिखित होंगी:-
(i) यात्रा व्यय: अनुदानग्राही के रहने के स्थान के निकटतम रेलवे स्टेशन से साहसिक गतिविधि के निकटतम रेलवे स्टेशन तक भारतीय रेल की मेल/एक्सप्रेस ट्रेन की द्वितीय श्रेणी में | जो स्थान रेल से नहीं जुड़े हैं उनके बीच राज्य सरकार की गैर-डीलक्स बस से जाने-आने का वास्तविक किराया साधारण टैक्सी का 6.00 प्रति किमी की दर से सड़क मार्ग से की गयी यात्रा (जाना-आना) का किराया, यात्रा के उस भाग के लिए स्वीकार्य होगा |
(ii) भोजन और आवास: साहसिक गतिविधि की वास्तविक अवधि के दौरान प्रति दिन प्रति व्यक्ति 500/-रु0 की दर से तथा यात्रा की अवधि अथवा जल और वायु संबंधी साहसिक गतिविधियों के मामले में “नॉन-परफोर्मिंग” (गतिविधि न होने की) अवधि के लिए 200/-रु0 प्रति दिन प्रति व्यक्ति की दर से |
(iii) यात्रा के दिनों सहित गतिविधि की कुल अवधि 30 दिनों से अधिक नहीं होगी | तथापि, विशेष परिस्थितियों जैसे प्राकृतिक आपदाओं में जो अनुदानग्राही के नियंत्रण से बाहर हों, सचिव, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के अनुमोदन से यह अवधि बढ़ायी जा सकती है |
(iv) उपस्कर प्रभार: मंत्रालय द्वारा अनुमोदित बजट के अनुसार उपस्कर की खरीद की वास्तविक लागत अथवा किराया |
(v) कुली प्रभार: ट्रैकिंग/पर्वतारोहण के मामले में वास्तविक कुली (पोर्टर) प्रभार |
(vi) चिकित्सा भत्ता: प्रति व्यक्ति 10,000/-रु0 चिकित्सा भत्ता |
(vii) लाभार्थियों की संख्या: स्वीकार्य अनुदान की गणना के संबंध में इस कार्यक्रम के केवल सहभागियों की ही गणना की जाएगी |
(viii) अधिकतम सीमा: इस कार्यक्रम के तहत किसी विशेष साहसिक गतिविधि के लिए अनुदान 20.00 लाख रु0 से अधिक नहीं होना चाहिए | भूमि, जल तथा वायु संबंधी साहसिक गतिविधियों के प्रत्येक वर्ग में किसी एक वर्ष में गतिविधियों की संख्या अधिकतम 2 होगी |
6.3 उपयुक्त स्थानों पर एक सप्ताह का साहसिक प्रशिक्षण तथा/अथवा जागरुकता शिविर: इस कार्यक्रम के अंतर्गत व्यय की स्वीकार्य मदे निम्नलिखित होंगी:-
(i) यात्रा व्यय: अनुदानग्राही के स्थान/रहने के स्थान के निकटतम रेलवे स्टेशन से साहसिक गतिविधि के निकटतम रेलवे स्टेशन तक और वापस भारतीय रेल की मेल/एक्सप्रेस ट्रेन की द्वितीय श्रेणी में | इसके अतिरिक्त, भूमि संबंधी साहसिक गतिवधियों के मामले में, जो स्थान रेल से नहीं जुड़े हैं उनके बीच राज्य सरकार की गैर-डीलक्स बस से जाने-आने का वास्तविक किराया |
(ii) भोजन और आवास: यात्रा और शिविर की पूरी अवधि के लिए प्रति व्यक्ति प्रति दिन 200/-रु0 की एक समान दर से | शिविर की कुल अवधि पाँच दिन से कम तथा दस दिन से अधिक नहीं होनी चाहिए | कार्यक्रम की कुल अवधि यात्रा के दिनों सहित, 15 दिन से अधिक नहीं होनी चाहिए | तथापि, प्राकृतिक आपदाओं जैसी उन विशेष परिस्थितियों में जो अनुदानग्राही के नियंत्रण में न हों, सचिव, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के अनुमोदन से यह अवधि बढ़ायी जा सकती है |
(iii) उपकरणों को किराये पर लेना/खरीदना: उपकरणों को किराये पर लेने/खरीदने के लिए अनुदान प्रति व्यक्ति/प्रति शिविर 1000/-रु0 तक सीमित होगा |
(iv) अधिकतम सीमा: एक शिविर के लिए कुल अनुदान 3.00 लाख रु0 से अधिक नहीं होगा |
6.4
सेमिनार,
कार्यशालाएं,
फिल्म
महोत्सव/स्लाइड
शो आदि |
(i) हॉल का किराया/पंडाल लगवाना आदि: वास्तविक व्यय बशर्ते वह अधिकतम तीन दिनों की अवधि के लिए प्रति दिन 20,000/-रु0 से अधिक न हो |
(ii) फिल्म/स्लाइडों/प्रोजेक्टरों आदि को किराये पर लेना: वास्तविक व्यय, बशर्ते वह अधिकतम तीन दिनों की अवधि के लिए 20,000/-रु0 प्रति दिन से अधिक न हो |
(iii) प्रकाश/ध्वनि उपकरण/कुर्सियां आदि: वास्तविक व्यय, बशर्ते वह अधिकतम तीन दिनों की अवधि के लिए अधिकतम 20,000/-रु0 प्रति दिन की दर से अधिक न हो |
(iv) प्रचार: प्रति कार्यक्रम अधिकतम 25,000/-रु0 |
(v) विशेषज्ञों और विख्यात साहसिक व्यक्तियों का यात्रा व्यय: वास्तविक, बशर्ते वह प्रति कार्यक्रम अधिकतम 25,000/-रु0 तक सीमित हो |
(vi) अन्य आकस्मिक: प्रति कार्यक्रम अधिकतम 50,000/-रु0 तक |
(vii) अधिकतम सीमा: अनुदान की अधिकतम सीमा प्रति कार्यक्रम 5.00 लाख रु0 है |
6.5 साहसिक गतिविधियों के संवर्धन के लिए मान्यता प्राप्त संस्थानों को सहायता: मान्यता प्राप्त संस्थानों को मुख्यत: निम्नलिखित पाँच उद्देश्यों के लिए सहायता प्रदान की जाएगी:-
(i) साहसिक गतिविधियां चलाना;
(ii) साहसिक गतिविधियों संबंधी प्रशिक्षण प्रदान करना;
(iii) संसाधन केन्द्र बनाने के लिए उपकरणों की खरीद;
(iv) विशेषज्ञता और परामर्शदात्री सेवाएं प्रदान करना तथा
(v) बचाव सेवाएं प्रदान करना |
युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय तथा कुछ अन्य मंत्रालयों जैसे रक्षा मंत्रालय के बीच हुए ऐसे समझौते के आधार पर संस्थानों को वार्षिक आधार पर समय-समय पर अनुदान स्वीकृत किया जाएगा जो अलग-अलग मामलों में, उनके पिछले वर्ष के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए, उनके प्रस्तावों की विश्वसनीयता और वैधता की जांच के परिणाम पर निर्भर करेगा | नइ मान्यता प्राप्त संस्थान के लिए पहले वर्ष के लिए अनुदान की अधिकतम सीमा 10.00 लाख रु0 होगी | तथापि, कार्यरत और नियमित अनुदानग्राही संस्थान के लिए ऐसी कोइ भी अधिकतम सीमा नहीं होगी |
किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान को सुप्रसिद्ध तथा एतिहासिक साहसिक कार्यक्रमों और प्रशिक्षण पद्धतियों के प्रलेखन कार्य के लिए केन्द्रीय अनुदान दिया जा सकता है |
6.6 तेनजिंग नॉर्गे राष्ट्रीय साहस पुरस्कार: वित्तीय स्वीकार्यता पहले ही पैरा 5.3 में दर्शायी गयी है |
7
जटिल
कार्यक्रम
घटकों के लिए
बजट अनुमान
भोजन और टेंट 7 दिन तक 25 युवाओं के लिए
200/-रु0 प्रति व्यक्ति की दर से (7x25x200) 35,000/-रु0
बेस (आधार) शिविर तक यात्रा भत्ता 25 युवाओं के लिए
750/-रु0 प्रति व्यक्ति की दर से 18,750/-रु-
एकमुश्त आधार पर ट्रैकिंग/शिविर के उपकरणों को
किराये पर लेना/खरीदना 12,500/-रु
उपर्युक्त बी एंड एल के लिए 25% की दर से आकस्मिकताएं 8,750/-रु0
------------
कुल: 75,000/-रु0
-------------
*****
अनुबंध-घ
किशोरों
के विकास और
सशक्तिकरण के
लिए संचालनात्मक
दिशानिर्देश
1
प्रस्तावना
1.1 विश्व की कुल जनसंख्या का पाँचवाँ हिस्सा किशोर हैं और इस संख्या में वृद्धि हो रही है | भारत में किशोरों का प्रतिशत जनसंख्या का 22.8% है (योजना आयोग के जनसंख्या अनुमानों के अनुसार) | इस का अर्थ है कि लगभग 23 करोड़ भारतीय इस आयु-वर्ग में आते हैं |
1.2 किशोरावस्था जीवन का वह दौर है जिसमें तेजी से शारीरिक वृद्धि और विकास, शारीरिक और मानसिक परिवर्तन, वयस्क मानसिक प्रक्रिया का विकास तथा सामाजिक-आर्थिक निर्भरता से तुलनात्मक आत्मनिर्भरता की ओर परिवर्तन होता है | किशोरों को अक्सर समस्याओं, परेशानियों तथा विद्रोह की भावना वाले व्यक्तियों के समूह के रुप में माना जाता है | हालांकि यह किशोरों की छवि का नकारात्मक चित्रण है | वास्तविकता यह है कि किशोरों की काफी विशेष और भिन्न जरुरतें होती हैं जिन पर ध्यान देने और उन्हें पूरा करने की आवश्यकता है | यदि किशोरों को सकारात्मक उत्प्रेरणा और सौहार्दपूर्ण वातावरण दिया जाए तो किशोर समाज के स्वस्थ और जिम्मेदार सदस्य बन सकते हैं | यदि उनमें आदर्शवाद की भावना उत्पन्न की जाए और उन्हें सही उत्प्रेरणा, वातावरण और आदर्श भूमिकाएं दी जाएं तो वे सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण के वाहक बन सकते हैं |
2
परिभाषाएं
2.1 जब तक प्रसंग में अन्यथा अपेक्षित न हो, इस योजना में विभिन्न शब्दों और शब्द-समूहों का अर्थ निम्नानुसार होगा:
(i) किशोर- इस योजना के प्रयोजनों के लिए 10 से 19 वर्ष के आयु-वर्ग के व्यक्ति |
(ii) केन्द्र सरकार अर्थात भारत सरकार का युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय
(iii) परामर्श अर्थात आगे पैरा 6.2 में परिभाषित किशोरों की समस्याओं को हल करने के लिए उन्हें दी जाने वाली पेशेवर सहायता और सलाह |
(iv) जीवन-कौशल अर्थात वे क्षमताएं जो आगे पैरा 5.1 में वर्णित किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य और सक्षमता का संवर्धन करने में सहायक हैं |
3
मार्गदर्शी
सिद्धांत
3.1 इस योजना के कार्यान्वयन के लिए एजेंसियों का चयन करने में निम्नलिखित प्रक्रिया अपनायी जाएगी:-
) कार्यान्वयन एजेंसी के चयन के लिए बुनियादी प्रक्रिया, किशोरों के साथ काम करने की क्षमता का प्रदर्शन तथा धर्मनिरपेक्षता, स्त्री-पुरुष समानता, सामाजिक न्याय तथा अहिंसा के मूल्यों के लिए कार्य करने के प्रति प्रतिबद्धता का प्रदर्शन है |
) इनकी सफलता सुनिश्चित करने के लिए कार्यक्रम की योजना और इसके कार्यान्वयन में किशोरों की सहभागिता आवश्यक है |
) किशोरों के साथ कार्य में सामुदायिक सहभागिता और माता-पिता, अध्यापकों, शिक्षा संस्थानों, सभ्य समाज के सदस्यों तथा ऐसे ही अन्य स्वामित्वधारियों को इस योजना के अंतर्गत ऐसी गतिविधियों में प्रभावी रुप से लगाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए |
) शिक्षा और जीवन कौशल विकास के उद्देश्यों वाले कार्यक्रम मुख्यत: उन रिहायशी शिविरों के माध्यम से आयोजित करने चाहिए, जो अधिक समृद्ध है क्योंकि वे किशोरों को आपस में संवाद करने तथा सजीव अनुभव प्राप्त करने में सहायता करते हैं |
) इस योजना के अंतर्गत अधिकांश कार्यक्रमों में किशोरों के प्रारंभिक अभिविन्यास की तैयारी का चरण होना चाहिए तथा इसके अतिरिक्त, एक प्रणालीबद्ध अनुवर्ती कार्रवाइ की परिकल्पना होनी चाहिए जिसमें दीर्घावधिक आधार पर कार्यक्रमों का आयोजन शामिल हो |
) सभी कार्यक्रमों में स्त्री-पुरुष समानता अपेक्षित होगी |
3.2 इस योजना के अंतर्गत सहायता अनुदान प्राप्त करने के लिए प्रस्ताव “परियोजना” के रुप में होना चाहिए जिसकी कुछ विशेषताएं निम्नानुसार हैं:-
) सामान्यत: यह किसी खेल विधा की प्रकृति नहीं होनी चाहिए बल्कि एक अधिक व्यापक कार्यक्रम अथवा स्वतंत्र कार्यक्रम का अंग होना चाहिए |
) यह सुपरिभाषित भौगोलिक क्षेत्र-सामान्यत: एक जिले में कार्यान्वित होनी चाहिए |
) इसका समग्र लक्ष्य और विशिष्ट उद्देश्य स्पष्ट रुप से परिभाषित होने चाहिए |
) इस परियोजना के परिणाम और दीर्घावधिक प्रभाव स्पष्ट रुप से दर्शाए जाने चाहिए |
) परियोजना की अवधि तथा प्रत्येक वर्ष की प्रत्याशित उपलब्धियां भी स्पष्ट होनी चाहिए |
) समग्र प्रबंधन और परियोजना के कार्यान्वयन के लिए समर्पित प्रोजेक्ट टीम होनी चाहिए |
) इसमें बताया जाना चाहिए कि कैसे अवसंरचना (उपकरण, आवास तथा अनुसंधान संबंधी समर्थन आदि) की व्यवस्था की जाएगी तथा इस परियोजना के पश्चात इसका क्या उपयोग किया जा सकेगा |
) परियोजना से लाभान्वित होने वाले पर “नजर” (ट्रैकिंग) रखने की व्यवस्था की सलाह देना उचित होगा जिससे किये गये निवेश से अपेक्षित परिणाम प्राप्त किये जा सकें |
4
वे
गतिविधियां
जिनसे
सहायता-अनुदान
प्राप्त किया
जा सके
4.1 सहायता-अनुदान उन गतिविधियों के लिए दिया जा सकता है जो इस योजना के अनुरुप हो | कुछ मामलों में वित्तीय मानदंड भी दर्शाये गए हैं | तथापि, इस प्रकार की योजना के लिए, वित्तीय मानदंडों का पूर्ण ब्यौरा देना सदैव संभव नहीं होता | इस प्रकार के मामलों में, सहायता-अनुदान समिति की सिफारिशों पर तर्कसंगत निर्णय लेने का कार्य सरकार पर छोड़ा जाएगा |
5
जीवन
कौशल शिक्षा
5.1 विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जीवन कौशल को “दैनिक जीवन की आवश्यकताओं और परिवर्तनों से प्रभावी ढंग से निपटने में व्यक्ति को सक्षम बनाने वाले-अपनाने योग्य और सकारात्मक व्यवहार की क्षमताओं” के रुप में परिभाषित किया है |
5.2 जीवन कौशल के तीन व्यापक क्षेत्र हैं:- विचार कौशल, सामाजिक कौशल तथा बातचीत का कौशल | विचार कौशल में समस्याओं का निराकरण, जटिल चिंतन, सूचना की प्रोसेसिंग तथा रुचि उत्पन्न करना, सूचित निर्णयों को लेना तथा लक्ष्य निर्धारित करना शामिल हैं | सामाजिक कौशल में दूसरे अच्छे कार्यों की प्रशंसा करना/वैध करना; शीर्ष समूहों और परिवार के साथ सकारात्मक रिश्ते बनाना; जिम्मेदारी लेना; तथा तनाव कम करना शामिल हैं | बातचीत के कौशल में आत्म-चिंतन शामिल है जो किसी व्यक्ति को दूसरे के मूल्यों, लक्ष्यों, क्षमताओं और कमजोरियों को समझने में सक्षम बनाता है | इस प्रकार बातचीत के कौशल को दो स्तरों पर अपने अंदर तथा दूसरों के अंदर बढ़ाने की आवश्यकता है | किशोरों को सकारात्मक होने की आवश्यकता है जिसमें नशीले पदार्थों तथा अन्य हानिकारक कारणों को न कहना सीखना चाहिए | बिना आक्रामक हुए दृढ़ सकारात्मक होने का कौशल किशोरों के लिए अमूल्य है |
5.3 जीवन कौशल को प्रभावी ढ़ग से अपनाने से व्यक्ति स्वयं अपने तथा दूसरों के बारे में नये तरीके से सोच सकता है तथा अपनी उत्पादकता, कुशलता, आत्म-सम्मान और आत्म-विश्वास बढ़ा सकता है | जीवन कौशल से आपसी रिश्तों को मजबूत बनाने के नये उपाय और तकनीकें पता चलती हैं |
5.4 नीतियों और कार्यक्रमों के विकास के लिए जीवन कौशल विकास के रचनात्मक दृष्टिकोण को अपनाना चाहिए | इस प्रक्रिया में, किशोरों के प्रत्येक समूह का विशिष्ट परिस्थितिजन्य विश्लेषण-कार्यक्रम को तैयार करते समय ध्यान में अवश्य रखा जाना चाहिए | जीवन कौशल प्रोग्रामिंग को किशोरों के मूलभूत मानव अधिकारों के जवाब में देखा जाना चाहिए जहां उन्हें समस्या के रुप में नहीं बल्कि विकास के सक्रिय सहभागी के रुप में देखा जाना चाहिए | इस कार्यक्रम में आंतरिक मूल्यों, दृष्टिकोण, जानकारी और कौशल का विकास होना चाहिए |
5.5 वित्तीय सहायता का पैटर्न
(एक सप्ताह की अवधि का जीवन कौशल शिक्षा शिविर-एक बैच में 40 किशोर)
|
व्यय की मदें |
आवासीय शिविर |
गैर-आवासीय |
|
क मुख्य स्टाफ |
|
|
|
1 परियोजना अधिकारी/प्रशिक्षक-1 (एमएसडब्ल्यू की योग्यता होनी चाहिए) निष्पादन, समन्वय, रिकार्ड का रखरखाव तथा प्रशिक्षण प्रदान करना |
1,500 रु0 |
1,500 रु0 |
|
2 परामर्शदाता (मनोविज्ञान), (प्रशिक्षक-2) सलाह देना, जांच और प्रशिक्षण प्रदान करना |
1,500 रु0 |
1,500 रु0 |
|
ख प्रति बैच गतिविधियों पर व्यय का ब्यौरा: |
|
|
|
3 40 विद्यार्थियों के लिए दोपहर के भोजन और अल्पाहार पर व्यय की दर 50/-रु0 प्रति दिन प्रति व्यक्तिx7 |
--- |
14,000 रु0 |
|
5 सहभागियों का भोजन और आवास ) भोजन प्रति सहभागी 125/-रु0 प्रति दिन की दर से ) आवास की गणना 75/-रु0 प्रति व्यक्ति/प्रति दिन की दर से | |
35, 000 रु0 21, 000 रु0 |
-- -- |
Sanjay
अनुबंध-क
युवा
नेतृत्व तथा
व्यक्तित्व
विकास
परियोजनाओं
के लिए प्रचालानात्मक
मार्ग
निर्देश
1. उद्देश्य
ग्रामीण युवा नेतृत्व तथा व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम ग्रामीण युवाओं के बीच नेतृत्व के गुणों, राष्ट्रीय चरित्र, कामरेडशिप और व्यक्तित्व विकास को विकसित करने का प्रयास करेगा । यह युवाओं को ग्रामीण क्षेत्र में ज्ञान को फैलाने के लिए केंद्र बिदु के रूप में कार्य करने तथा राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में उन्हें लगाने के लिए अभिप्रेरित करेगा ।
2. परियोजना के चरण : योजना के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाएं 3 चरणों में कार्यान्वित की जाएगी जैसा कि नीचे दर्शाया गया है :-
(क) तैयारी संबंधी चरण : इसमें जिलें में युवा क्लबों द्वारा अपनायी जाने वाली 5 सामाजिक गतिविधियों तथा 5 खेल गतिविधियों का पता लगाने तथा उनका चयन करने के लिए युवा क्लब के सदस्यों, नेहरू युवा केंद्र संगठन, जिला युवा समन्वयकों, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों, पंचायती राज संस्थाओं से परामर्श शामिल होगा । तैयारी संबंधी प्रक्रिया में पारदर्शी प्रक्रिया का अनुकरण करते हुए युवा क्लबों का चयन, युवा क्लबों, एनएसएस इकाईयों, स्काउट्स एवं गाइड्स से प्रशिक्षणार्थियों का चयन और प्रशिक्षण के लिए प्रशासनिक प्रबंध भी शामिल होगा । तैयारी संबंधी चरण की अवधि लगभग एक महीने की होगी ।
(ख) प्रशिक्षण संबंधी चरण : प्रशिक्षण अवधि एक महीने की होगी जिसमें प्रति सप्ताह 40-45 प्रशिक्षण घंटे शामिल होंगे । प्रशिक्षण आवासीय होगा और प्रशिक्षण प्रदान करने वाली संस्था के पास पेशेवर ढंग से प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए अपेक्षित अवस्थापना और संकाय होनी चाहिए । आवेदन पत्र में प्रदान किया जाने वाल प्रशिक्षण विनिर्दिष्ट करना होगा जिसमें मोटे तोर पर दो सप्ताह का नेतृत्व तथा जीवन कौशल प्रशिक्षण और दो सप्ताह का व्यावसायिक प्रशिक्षण अथवा क्षमता निर्माण, परियोजना प्रबंध, लेखांकन, शारीरिक शिक्षा और सांस्कृतिक गतिविधियों से संबंधित प्रशिक्षण होगा । दैनिक समय सारणी, संलग्न किए जाने वाले स्रोत व्यक्ति तथा प्रशिक्षण के लिए प्रयोग की जानी वाली सामग्री उपलब्ध कराने वाला एक विस्तृत प्रशिक्षण माड्यूल का परेयाजना प्रस्ताव में उल्लेख किया जाना चाहिए ।
(ग) अनुपालन संबंधी चरण : अंतिम चरण दो महीने की अवधि का होगा जिसमें प्रशिक्षण के परिणाम को आकलित करने के लिए युवा क्लबों के साथ कम से कम 4 संपर्क बैठके/दौरें शामिल होंगे । प्रशिक्षण संस्थाएं नियोक्ताओं, बैंकरों अथवा स्वरोजगार संपर्को के साथ भी बैठकों का प्रबंध करेगी ।
3. वित्तीय
पैटर्न
3.1 वित्तीय सहायता:- योजना के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं के लिए 100% तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी । एक परियोजना के घटकों के लागत संबंधी मानदंड निम्नलिखित होंगे:-
|
क्र0 सं0 |
परियोजना घटक |
धनराशि रू0 में |
|
(i) |
तैयारी संबंधी चरण : (आवेदन के लिए विज्ञापन, चयन प्रक्रिया, बैठकें, दौरे, एलएस पर अनुषांगिकता ) |
10,000/- |
|
(ii) |
प्रशिक्षण संबंधी चरण : भोजन 125×30×30 रू0 की दर से 1,12,500/- आवास 75×30×30 रू0 की दर से 67,500/- स्रोत व्यक्ति (एलएस पर न्यूनतम 4) 40,000/- प्रशिक्षण सामग्री, विविध ( एलएस) 30,000/- |
2,50,000/- |
|
(iii) |
अनुपालन संबंधी चरण : (तैनाती बैठकें, दौरें, रिपोर्टिंग आदि) |
40,000/- |
|
|
कुल |
3,00,000/- |
*****
अनुबंध-ख
युवा
नेतृत्व तथा
व्यक्तित्व
विकास
परियोजनाओं
के लिए प्रचालानात्मक
मार्ग
निर्देश
1. प्रस्तावना
राष्ट्रीय एकीकरण भारत में एक नाजुक मुद्दा है, बावजूद इस तथ्य के कि हम एक ऐसी सभ्यता के लोग हैं जो लगभग 5000 वर्ष पुरानी है । यह सच है कि देश के इतिहास, भूगोल व संस्कृति में कुछ विभाजक तत्व उत्तराधिकार में प्राप्त हुए हों, परंतु ऐसी भी शक्तियां हैं जो इन तत्वों को और अधिक बलवान बनाती हैं । धार्मिक कट्टरवाद एक ऐसी ही शक्ति है जबकि भाषायी विभिन्नता दूसरा कारक है । इस देश में ऐसे लोग हैं जो एक ही धर्म के बारे में सोचते हैं जिससे वे पंथवादी उन्माद में फंस जाते हैं और अन्य पंथों को बर्दाश्त नहीं कर सकते । बहुत से वर्षो की साँझी संस्कृति के बावजूद, भाषा की विभिन्नताएं विभिन्न समुदायों के बीच प्राय: तनाव व विवाद पैदा करती है जिससे राष्ट्रीय एकता को चुनौती मिलती है । यही बात क्षेत्रवाद की उत्तेजना पर लागू होती है, इसमें कोई शक नहीं कि इसका कारण देश के विभिन्न भागों में असमान विकास है । प्राचीन जातिवाद ने भी समाज के विभिन्न वर्गो के बीच एकता को काफी कमजोर किया है । उपर्युक्त सभी शक्तियां और कारक देश की एकता और अखंडता के लिए गंभीर चुनौती देते हैं और इसलिए सभी संबंधित व्यक्तियों को इसे बना रखने के लिए सजग प्रयास करने होंगे । विशेष रूप से देश के युवाओं को ऐसे प्रयासों में अग्रणी भूमिका निभानी होगी । राष्ट्रीय एकीकरण के संवर्धन का युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय का कार्यक्रम घटक छोटा है परंतु वह इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है ।
2. कार्यक्रम
घटक तथा
गतिविधियां
योजना निम्नलिखित कार्यक्रमों और गतिविधियों के आयोजन के लिए सहायता अनुदान के रूप में केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराती है:-
(1) राष्ट्रीय एकीकरण शिविर
(2) अंतर राज्य युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम
(3 राष्ट्रीय एकीकरण की विषयवस्तु पर बहुविध सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन
(4) राष्ट्रीय युवा महोत्सव और राज्य युवा महोत्सव
(5) राष्ट्रीय युवा पुरस्कार
3. राष्ट्रीय
एकीकरण शिविर
3.1 उद्देश्य:- किशोरों तथा युवाओं के लिए लघु अवधि के आवासीय शिविरों का आयोजन ताकि उनमें शिविर गतिविधियों के जरिए राष्ट्रीय एकीकरण की भावना भरी जा सके ।
3.2 गतिविधियां:- राष्ट्रीय एकीकरण और सांप्रदायिक सदभाव की विषयवस्तु पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामूहिक चर्चा, वाद-विवाद, व्याख्यान, निबंध एवं वक्तृता कला संबंधी प्रतियोगिताएं ।
(क) सामुदायिक कार्य जैसे जन साक्षरता, नशा विरोध, एड्स विरोध, पल्स-पोलियो स्वास्थ्य जागरूकता और पर्यावरण संबंधी अभियान और ऐसी अन्य गतिविधियां जिनमें कार्यक्रम के अंतर्गत स्वीकृत व्यय के अलावा किसी अन्य खर्चे की जरूरत नहीं पड़ती ;
(ख) विभिन्न धार्मिक पुस्तकों तथा राष्ट्रीय एकीकरण का संवर्धन की प्रेरणा देने वाली पुस्तकों का अध्ययन व मनन ;
(ग) राष्ट्रीय एकीकरण की विषयवस्तु पर बहुविध सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन ;
(घ) योग और ध्यान ;
(ड़) कार्य शिविर जिसमें युवा टिकाऊ सामुदायिक परिसंपत्तियां के सृजन के लिए श्रमदान करते हैं ;
(च) सांस्कृतिक कार्यक्रम जो राष्ट्रीय एकीकरण का संवर्धन करते हैं ।
3.3 अन्य शर्तें:- राष्ट्रीय एकीकरण शिविर का आयोजन निम्नलिखित शर्तों पर किया जाएगा :-
(क) शिविर की अवधि 7 दिवस से कम और 14 दिवस से ज्यादा नहीं होनी चाहिए ।
(ख) सहभागियों की संख्या 150 से कम नहीं होनी चाहिए तथापि, यह स्वीकृति प्रदान करने वाले प्राधिकारी के विवेक पर परिवर्तित की जा सकती है ।
(ग) प्रत्येक शिविर के आयोजन के साथ राष्ट्रीय सेवा स्वयंसेवकों को संबद्ध किया जाना चाहिए ।
(घ) प्रत्येक शिविर में कम से कम 25% सहभागी न्यूनतम उन पाँच राज्यों से होने चाहिए जो कुछ भाषायी तथा सांस्कृतिक विभिन्नता को दर्शाते हों । उत्तर-पूर्वी क्षेत्र तथा जम्मू व कश्मीर के सहभागियों को वरीयता प्रदान की जाएगी ।
(ड़) प्रत्येक शिविर के लिए एक उद्देश्य का पता लगाया जाना चाहिए जो विशेष रूप से राष्ट्रीय एकीकरण के संवर्धन पर बल देता हो । इन उद्देश्यों को "शिक्षा", "स्वास्थ्य", "पर्यावरण" आदि जैसे विषय कवर करने चाहिए । स्रोत व्यक्तियों का चयन उद्देश्य से संबंधित होना चाहिए ।
(च) राष्ट्रीय एकीकरण शिविर के स्रोत व्यक्ति प्रसिद्ध वैज्ञानिक, खिलाड़ी आध्यात्मिक नेता स्कूल/कालेज के अध्यापक अथवा रिटायर्ड अध्यापक अथवा समाज का कोई अन्य प्रसिद्ध व्यक्ति होना चाहिए ।
3.4 लागत संबंधी मानदंड:- भारत सरकार की वित्तीय सहायता से उत्प्रेरक रूप में वित्त- पोषण होगा और अनुदानग्राही कार्यक्रम के आयोजन के लिए अन्य सहयोगी/एजेंसी/संगठन से अतिरिक्त स्रोत मंगाने के लिए स्वतंत्र है । निम्नानुसार मदवार वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जाएगी । तथापि, स्थानीय आवश्यकता को पूरा करने के लिए एक शीर्ष की बचत को दूसरे शीर्ष के अंतर्गत उपयोग किया जा सकता है बशर्ते प्रतिभागियों की संख्या और स्वीकृति की अन्य शर्ते परिवर्तित न हों ।
(क) भोजन और आवास : महानगरों तथा राज्य की राजधानियों के लिए प्रति व्यक्ति प्रति दिन 200/-रू0 तथा अन्य स्थानों के लिए प्रति व्यक्ति प्रति दिन 150/-रू0 केवल सहभागियों के लिए ।
(ख) यात्रा व्यय : सहभागियों के आवास स्थल से केवल शिविर के स्थल तक तथा वापस, रेल की स्लीपर श्रेणी के किराये अथवा सामान्य बस के किराये द्वारा । 24 घंटे के लिए प्रति व्यक्ति 100/-रू0 की दर से निर्वाह भत्ता अथवा 8 घंटे की न्यूनतम यात्रा अवधि के लिए उसका अंश भी स्वीकार्य होगा ।
(ग) सांस्कृतिक कार्यक्रम व्यय : राजधानी के लिए मंच, लाइट, ध्वनि हेतु 150 व्यक्तियों के लिए एक सप्ताह हेतु प्रति शिविर 50,000/-रू0 तथा राजधानी से इतर शहरों के लिए 40,000/-रू0 ।
(घ) प्रलेखन तथा रिपोर्ट मुद्रण : 150 सहभागियों के लिए एक सप्ताह की अवधि वाले प्रति राष्ट्रीय एकीकरण शिविर के लिए सामान्यत: 5,000/-रू0 से अधिक नहीं । तथापि, राष्ट्रीय स्तर के राष्ट्रीय एकीकरण शिविर के मामलें में, सहायता अनुदान समिति की सिफ़ारिशों के अनुसार अधिक राशि स्वीकृत की जा सकती है ।
(ड़) अन्य आकस्मिक व्यय : उपरोक्त (क) पर स्थित कुल अनुमोदित व्यय का 25% तक ।
4. अंतर
राज्य युवा
आदान-प्रदान
कार्यक्रम
(आईएसवाईईपी)
4.1 उद्देश्य : इस कार्यक्रम का उद्देश्य, जिसे राष्ट्रीय एकीकरण दौरे की संज्ञा दी जा सकती है, एक राज्य में रहने वाले तथा कार्य करने वाले युवाओं के दौरे को चिन्हित सांस्कृतिक विभिन्नताओं के साथ अन्य राज्यों तक सुविधाजनक बनाना और दौरा किए गए राज्यों के युवाओं द्वारा विनिमय दौरा करवाना है । अधिक विशिष्ट रूप से, ऐसे अंतर राज्य युवा आदान-प्रदान का लक्ष्य है :-
(क) देश के विभिन्न भागों में रह रहे लोगों के पर्यावरण, पारिवारिक जीवन, सामाजिक प्रथाओं आदि से परिचित होना ।
(ख) देश की सामान्य ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत जैसाकि ऐतिहासिक स्मारकों में चित्रित की गयी है, लोगों के सांस्कृतिक रूप और जीवन शैली को समझना ।
(ग) उन समस्याओं को समझना जिन्हें विभिन्न क्षेत्रों के लोग झेल रहे हैं ।
(घ) देश की व्यापकता, इसके विभिन्न रीति-रिवाजों और परंपराओं और मूल रूप से एकता की प्रशंसा जिसे सहभागियों में भारतीय होने का गौरव उत्पन्न करना चाहिए और
(ड़) युवाओं में सांप्रदायिक सौहार्द की भावना भरना ।
4.2 समूहों और गतिविधियों का निर्माण : समूहों के निर्माण के बारे में, उनकी सूची तथा गतिविधियों की योजना निम्नलिखित को ध्यान में रखते हुए बनायी जाएगी :-
(क) समूहों को तार्किक रूप से प्रतिनिधि होना चाहिए अर्थात उनमें युवा पुरूष और महिलाएं, छात्र और गैर छात्र होने चाहिए ; उनमें विभिन्न समुदायों के लोगों, विशेष रूप से अल्पसंख्यक और अनुसूचित जाति और जनजाति को वरीयता देनी चाहिए ।
(ख) ये समूह दौरा स्थल पर जाते समय, रास्ते में, जहाँ आराम से संभव हो, उन स्थलों का दौरा करने के लिए रूक सकते हैं, जो विकास से संबंधित हो और ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के हों ।
(ग) इन समूहों को दौरा स्थल पर पहुंचकर विभिन्न कार्यक्रम शुरू करने चाहिए जिसमें निम्नलिखित शामिल हों :-
- सांस्कृतिक कार्यक्रम
- सेमिनार, चर्चा तथा अनौपचारिक बैठके
- सामाजिक विकास की योजनाओं में दर्शकों तथा मेजबानों की संयुक्त भागीदारी
- सामुदायिक कार्य शुरू करना
- क्षेत्रीय महोत्सव में भाग लेना
- ऐतिहासिक महत्व के और सुदंरता के दृश्यों और महत्वपूर्ण विकासात्मक परियोजना स्थलों का दौरा करना
- राहत और पुनर्वास गतिविधियो में भाग लेना
- मेजबान परिवारों के साथ जुड़ाव
4.3 अन्य शर्ते :
(क) किसी भी समूह के लिए अंतर राज्य युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम की अवधि सामान्यता छह सप्ताह से ज्यादा नहीं होगी जिसमें यात्रा का समय शामिल होगा । तथापि, यह गुणों के आधार पर स्वीकृति प्रदान करने वाले प्राधिकारी के अनुमोदन के अंतर्गत परिवर्तित हो सकती है ।
(ख) सहभागियों की संख्या सामान्यत: 20 से कम नहीं होनी चाहिए और 50 से ज्यादा नहीं होनी चाहिए । तथापि, प्रस्ताव के गुणों के आधार पर, स्वीकृति प्रदान करनेवाला प्राधिकारी परिवर्तन की अनुमति दे सकता है ।
(ग) दौरा करने वाले समूह अपने राज्यों में वापस आने पर ऐसे तरीकों के जरिए अपने अनुभव को लोगों को फैलाएगें जो स्थानीय संदर्भ में सबसे अधिक उपयुक्त होंगे । इसमें चर्चाओं, सेमिनारों, स्लाइड शो, प्रदर्शनियों, रिपोर्टों आदि को शामिल किया जा सकता है । उन मामलों में जहां फैलाव रिपोटों के रूप में होता हे, उसकी एक प्रति युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय को भेज देनी चाहिए ।
(घ) देश के सीमावर्ती राज्यों के प्रस्तावों को वरीयता दी जाएगी ।
4.4 लागत संबंधी मानदंड : राष्ट्रीय एकीकरण शिविरों के समान । सांस्कृतिक कार्यक्रम घटक के स्थान पर स्थानीय परिवहन के लिए 50,000/-रू0 की धनराशि की अनुमति प्रदान की जा सकती है ।
5. बहुविध सांस्कृतिक गतिविधियां
5.1 उद्देश्य : विभिन्न सृजनात्मक तथा नवीन सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए विशेष रूप से युवाओं में तथा सामान्यत: लोगों में राष्ट्रीय एकीकरण तथा सांप्रदायिक सौहार्द की भावना को बढ़ावा देना ।
5.2 गतिविधियां : नाटकों और नृत्य नाटको का मंचन, संगीतमय सत्रों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, फिल्म शो, कथा और /अथवा कविता पाठ सत्रों प्रदर्शनियों और इसी प्रकार के अन्य सत्रों अथवा कार्यशालाओं का आयोजन जो एक और भारत की संपन्न सांस्कृतिक विरासत को प्रतिष्ठापित करते हैं और दूसरी और क्षेत्रीय, भाषायी और धार्मिक अवरोधों को समाप्त करते हैं ।
5.3 अन्य शर्ते :
(क) सामान्यत: ऐसी गतिविधि की अवधि तीन दिन से अधिक नहीं होनी चाहिए । तथापि, स्वीकृति प्रदान करने वाला प्राधिकारी कुछ मामलों में, सिर्फ गुणों के आधार पर छूट दे सकता है ।
(ख) स्थानीय सांस्कृतिक महोत्सवों के आधार पर अंतर-राज्य अथवा अंतरक्षेत्रीय सांस्कृतिक गतिविधियों को वरीयता प्रदान की जाएगी ।
5.4 लागत संबंधी मानदंड : बहुविध सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए किसी भी लागत संबंधी मानदंड को स्थिर करना बहुत मुश्किल है क्योंकि बजट अनुमान इसके पैमाने और सहभागियों की संख्या, स्रोत व्यक्तियों आदि पर निर्भर करेगा । व्यय की मद मामले अनुसार बदल सकती है, तथापि, भारत सरकार से प्राप्त वित्तीय सहायता कुल अनुमोदित लागत/वास्तविक व्यय इनमें से जो भी कम है, के 75% तक सीमित होगी । एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र संगठन तथा राज्य/संघ शासित क्षेत्र सरकारों के मामले में 100% तक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी । स्वीकृति प्रदान करने वाला प्राधिकारी अनुमोदित लागत की कुल स्वीकार्यता की गणना के प्रयोजन के लिए प्रस्तावित/उल्लिखित लागत के एक अथवा अधिक मदों को समाप्त/कम कर सकता है । बहुविध सांस्कृतिक गतिविधियों के अंतर्गत एकबारगी अनुदान की अधिकतम सीमा 3.00 लाख रू0 होगी ।
6. राष्ट्रीय युवा महोत्सव
6.1 उद्देश्य : प्रतिवर्ष युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय महान दार्शनिक, चिंतक और भारत में युवाओं के महान संरक्षक स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में तथा उस दिन से शुरू होने वाले सप्ताह को राष्ट्रीय युवा सप्ताह के रूप में मनाता रहा है । समारोह के भाग के रूप में राष्ट्रीय युवा महोत्सव का आयोजन 1995 में मुख्य गतिविधि के रूप में राष्ट्रीय एकीकरण शिविर कार्यक्रम के अंतर्गत शुरू हुआ था । भारत सरकार किसी एक राज्य तथा नेहरू युवा केंद्र संगठन और राष्ट्रीय सेवा योजना जैसी संस्था के सहयोग से प्रति वर्ष 12 से 16 जनवरी तक इस कार्यक्रम को आयोजित करती है । युवा महोत्सव के पीछे विचार है- युवाओं की भीड़ का आयोजन करना और उपर्युक्त एक अथवा सभी कार्यक्रम प्रारंभ करना ताकि राष्ट्रीय एकीकरण की संकल्पना, सांप्रदायिक सौहार्द, भाईचारे, साहस और हिम्मत की भावना को प्रचारित किया जा सके । राष्ट्रीय युवा महोत्सव की तरह, राज्यों को राष्ट्रीय युवा महोत्सव की तर्ज पर राज्य स्तरीय, जिला स्तरीय और ब्लाक स्तरीय युवा महोत्सवों के आयोजन के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है और राज्य युवा महोत्सवों के आयोजन के लिए राज्य सरकारों को सहायता प्रदान की जाती है ।
6.2 गतिविधियां
और
मार्गनिर्देश
:
(i) राष्ट्रीय युवा महोत्सव प्रतिवर्ष युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय द्वारा मेजबानी के लिए इच्छुक राज्य में नेहरू युवा केंद्र संगठन तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के सहयोग से मनाया जाएगा ।
(ii) प्रतिवर्ष राष्ट्रीय युवा महोत्सव के लिए एक राष्ट्रीय संचालन समिति गठित की जाएगी जिसके अध्यक्ष केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री और सह-अध्यक्ष मेजबान राज्य के मुख्यमंत्री होंगे । राष्ट्रीय संचालन समिति महोत्सव के लिए व्यापक निर्देश और मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगी और यह समिति का विवेक होगा कि वह वर्ष दर वर्ष के आधार पर महोत्सव की विषयवस्तु, प्रतीक चिन्ह, शुभंकर और कार्यक्रम गतिविधियों का निर्णय करें ।
(iii) स्पष्टत:, मेजबान राज्य सरकार सहभागी प्रतिनिधियों, अन्य राज्यों/संघ शासित क्षेत्रों के अधिकारियों के लिए स्वागत, भोजन और आवास के प्रबंध और टीए/डीए के भुगतान के लिए जिम्मेदार होगी । भारत सरकार, नेहरू युवा केंद्र संगठन, एनएसएस के अधिकारियों और महोत्सव से संबंधित अन्य आमंत्रित व्यक्तियों के लिए राज्य महोत्सव के दौरान उपयुक्त आवास, भोजन और स्थानीय परिवहन उपलब्ध कराएगा । यह उदघाटन और समापन समारोह की मेजबानी, सुरक्षा, नयाचार के लिए भी प्रबंध करेगा और नेहरू युवा केंद्र संगठन, एनएसएस द्वारा आयोजित की जाने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं और समारोहों के लिए अवसंरचना उपलब्ध कराएगा ।
(iv) राज्य/संघ शासित क्षेत्र सरकारें राष्ट्रीय युवा महोत्सव के रनरअप के रूप में अपने संबंधित राज्य/जिला/ब्लाकस्तरीय महोत्सवों को भी आयोजित करेगी
(v) प्रत्येक राज्य/संघ शासित क्षेत्र सरकार राष्ट्रीय युवा महोत्सव में अपने युवा दलों को भेजेगी जिसमें 100 से कम सहभागी होंगे ।
6.3 वित्तीय सहायता : राष्ट्रीय युवा महोत्सव की मेजबानी करने वाली संबंधित राज्य सरकार को सहायता प्रदान की जाएगी । केंद्र सरकार और मेजबान राज्य सरकार 50:50 के अनुपात में व्यय की साझेदारी करेंगे परंतु जहां तक संबंधित केंद्र सरकार के अनुदान का प्रश्न है, अधिकतम सीमा 2.00 करोड़ रू0 होगी । यह अनुपात (50:50) उत्तरपूर्वी राज्यों तथा विशेष श्रेणी के राज्यों के मामले में लागू नहीं होगा । युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय अपने क्षेत्रस्थ कार्यालयों जैसे नेहरू युवा केंद्र संगठन, एनएसएस के जरिए सम्मिलित होगा और इन संगठनों को पृथक रूप से अनुदान जारी किया जाएगा । इसके अतिरिक्त प्रत्येक राज्य/संघ शासित क्षेत्र राष्ट्रीय युवा महोत्सव के रनरअप के रूप में अपने संबंधित राज्य युवा महोत्सवों के आयोजन के लिए केंद्रीय सहायता भी मांग सकता है । इस प्रयोजन के लिए राज्य युवा महोत्सव के लिए सहायता 10.00 लाख रू0 प्रति राज्य/संघ शासित क्षेत्र तक सीमित होगी ।
7. राष्ट्रीय
युवा पुरस्कार
7.1 पुरस्कार के उद्देश्य :
(क) युवा लागों (13-35 वर्ष के बीच की आयु के) को अभिप्रेरित करना जो सामान्यत: राष्ट्रीय अथवा समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने हेतु एक चुनौती है ।
(ख) अपने समुदाय के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए युवा लोगों को प्रोत्साहित करना और अच्छे नागरिक के रूप में अपने व्यक्तिगत सामर्थ्य को सुधारना ।
(ग) राष्ट्रीय विकास और/अथवा समाज सेवा के लिए युवा लागों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्य को मान्यता प्रदान करना ।
(घ) राष्ट्रीय विकास और/अथवा समाज सेवा के लिए युवाओं के साथ कार्य करने वाले स्वैच्छिक संगठनों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्य को मान्यता प्रदान करना ।
7.2 पुरस्कार का विवरण :
(क) पुरस्कार विकासात्मक गतिविधियों और समाज सेवा के विभिन्न क्षेत्रों में प्रदर्शित उत्कृष्ट युवा कार्य के लिए प्रदान किया जाएगा ।
(ख) प्रत्येक वर्ष दिए जाने वाले पुरस्कारों की संख्या सामान्यत: 25 से अधिक नहीं होगी । तथापि, यह पात्रता प्राप्त मामलों में स्वीकृति प्रदान करने वाले प्राधिकारी के विवेक पर परिवर्तित हो सकती है ।
(ग) एक युवा पुरस्कार उस स्वैच्छिक संगठन को दिया जाएगा जो राष्ट्रीय विकास के विभिन्न कार्यक्रमों में युवाओं की सहभागिता से संबद्ध है ।
(घ) व्यक्तियों को प्रदान किये जाने वाले पुरस्कार में एक पदक, एक ट्राफी, एक स्क्राल और 20,000/- रू0 शामिल होंगे । पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को एक समारोह पोशाक भी प्रदान की जाएगी ।
(ड़) स्वैच्छिक संगठन को दिए जाने वाले पुरस्कार में एक पदक, एक ट्राफी, एक स्क्राल और 1,00,000/- रू0 नकद शामिल होंगे । संगठन की और से दो पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को एक समारोह पोशाक भी प्रदान की जाएगी ।
7.3 पात्रता
की शर्ते
7.3.1 व्यक्तियों के लिए
(क) उसे 13-35 वर्ष की आयु के बीच होना चाहिए अर्थात उसे वित्तीय वर्ष जिसके लिए पुरस्कार प्रदान किया जाना है, की 1 अप्रैल को 13 वर्ष की आयु पूरी कर लेनी चाहिए तथा उसे उस वित्तीय वर्ष की 31 मार्च, को 35 वर्ष से कम आयु का होना चाहिए ।
(ख) जिस वित्तीय वर्ष के दौरान पुरस्कार प्रदान किया जाना हे, उसके दौरान उसे संबंधित क्षेत्र में सेवा प्रदान करनी चाहिए तथा वह इस प्रकार का व्यक्ति होना चाहिए जिसकी पुरस्कार प्रदान करने के बाद कम से कम अगले दो वर्ष के लिए ऐसी गतिविधियों में शामिल होने की संभावना हो ।
(ग) प्रदान की गयी सेवा स्वैच्छिक आधार पर होनी चाहिए ।
(घ) उसके द्वारा प्रदान की गयी सेवा का प्रभाव स्पष्ट रूप से पहचाना जाना चाहिए, प्राथमिक रूप से मात्रात्मक रूप से ।
(ड़) उसे इससे पहले यह पुरस्कार प्राप्त नहीं किया होना चाहिए ।ऐसे व्यक्ति जिन्हें एक बार पुरस्कार के लिए अभिशंसित किया गया है और जो अंत में चयन नहीं किए जाते, उन्हें दोबारा अभिशंसित किया जा सकता है ।
(च) जो व्यक्ति केंद्र/राज्य सरकारों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों/विश्वविद्यालयों तथा कालेजों में कार्यरत हैं, वे पुरस्कार के पात्र नहीं है ।
(छ) राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए युवाओं के चयन को दिशानिर्देश देने हेतु अन्य तर्क में स्थानीय समुदाय में उसका सम्मान, संबंधित क्षेत्र में सुधार और यथार्थ हित के लिए उसकी इच्छा शामिल है ।
7.3.2 स्वैच्छिक संगठनों के लिए
(क) पिछले तीन वर्षों से सोसायटीज रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1860 (1860 का अधिनियम 22) अथवा उसके अनुरूप राज्य अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत होना चाहिए और उपयुक्त संविधान और संस्था के अंतर्नियम होने चाहिए ;
(ख) उपयुक्त रूप से गठित प्रबंध निकाय होना चाहिए जिसकी शक्तियां व कर्तव्य स्पष्ट रूप से संविधान में परिभाषित किए गए हों ;
(ग) उस स्थिति में होना चाहिए कि वह अपने कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए स्वैच्छिक आधार पर विद्वानों को शामिल कर सकें ;
(घ) किसी भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के समूह के लिए नहीं चलाया जाना चाहिए ;
(ड़) लिंग, धर्म, जाति अथवा पंथ के आधार पर किसी व्यक्ति अथवा व्यक्तिसमूह के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए ;
(च) पिछले तीन वर्षो से संबधित क्षेत्र में युवाओं को शामिल करते हुए सेवा प्रदान की हो और उसके पुरस्कार प्रदान करने के बाद कम से कम अगले दो वर्षो के लिए संबंधित क्षेत्र में संलग्न रहने की संभावना होनी चाहिए । उन स्वैच्छिक संगठनों को वरीयता प्रदान की जाएगी जो युवाओं द्वारा युवाओं के लिए चलाए जाते हैं ;
(छ) पहले ऐसा पुरस्कार न मिला हो (ऐसी एजेंसियां जो पुरस्कार के लिए पहली बार अभिशंसित की गयी हो और अंत में चयनित नहीं होती, उन्हें दोबारा अभिशंसित किया जा सकता है ) ;
(ज) स्थानीय समुदाय में अच्छा सम्मान होना चाहिए अर्थात उसके द्वारा प्रदान की गयी सेवा का प्रभाव स्पष्ट रूप से पहचाना जाना चाहिए, प्राथमिक रूप से मात्रात्मक रूप से ।
7.4 प्रस्तावों को प्रस्तुत करना;
(क) राष्ट्रीय युवा पुरस्कारों के लिए आवेदन पत्र का प्रारूप इन मार्गनिर्देशों के अनुबंध-1 व अनुबंध-2 में दिया गया है ।
(ख) विश्वविद्यालय/कालेज, स्थानीय निकाय विभाग, स्वैच्छिक एजेंसियां, निजी निकाय, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, नेहरू युवा केंद्र संगठन, राष्ट्रीय सेवा योजना आदि अपनी सिफारिशें प्रतिवर्ष 30 जून तक संबंधित जिला मजिस्ट्रेट/कलेक्टर को प्रस्तुत करेंगे ।
(ग) उपरोक्त संगठन से प्राप्त सिफारिशों के अतिरिक्त चयन समिति विभिन्न स्तरों पर अपने विवेक से गुणों के आधार पर उन व्यक्तियों अथवा युवा संगठनों पर विचार कर सकती है जिनकी किसी ने भी सिफारिश नहीं की है किंतु चयन समिति द्वारा उन पर उपयुक्त रूप से विचार किया गया है ।
(घ) विचारार्थ प्रस्तावों के साथ उम्मीदवार के तीन पासपोर्ट साइज फोटो होने चाहिए और उनके समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य भी संलग्न होने चाहिए ।
7.5 प्रस्तावों का मूल्यांकन : राष्ट्रीय युवा पुरस्कार के प्रयोजन के लिए विचार की जाने वाली गतिविधियों के क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी स्लमों में सामाजिक कार्य, राष्ट्रीय एकीकरण के संवर्धन, साहस, सांस्कृतिक और मनोरंजन संबंधी गतिविधियां, गैर औपचारिक तथा प्रौढ़ शिक्षा के कार्यक्रम, समाज के कमजोर वर्गों, अनुसूचित जाति/ जनजाति तथा जनजातीय क्षेत्र के लोगों को सुधारने के लिए कार्य, राष्ट्रीय रूप से स्वीकृत मूल्यों के प्रचार से संबंधित कार्य, स्काउटिंग और गाइडिंग तथा स्थानीय जरूरतों और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण समझा गया अन्य कार्य शामिल है । राज्य सरकारें प्राथमिकता वाले क्षेत्रों का पता लगाएगी और अपने युवाओं का आह्वान करेंगी ताकि वे इन क्षेत्रों में अपने प्रयास केंद्रित कर सकें ।
7.6 प्रस्तावों को प्रस्तुत करना;
7.6.1 जिला स्तर : उपरोक्त पैरा 7.4 में उल्लिखित निकाय द्वारा अभिशंसित नाम पर जिला स्तरीय समिति द्वारा विचार किया जाएगा जिसका अध्यक्ष जिला कलेक्टर होगा । समिति के अन्य सदस्य विश्वविद्यालय, नेहरू युवा केंद्र तथा युवाओं के क्षेत्र में कार्यरत प्रसिद्ध स्वैच्छिक एजेंसी के प्रतिनिधि होंगे । प्रति वर्ष 31 जुलाई तक कोई भी स्वैच्छिक एजेंसी राष्ट्रीय युवा संगठनों की सिफारिश करते समय राज्य सरकार/संघ शासित क्षेत्र प्रशासन से संबद्ध नहीं होगी ।
7.6.2 राज्य स्तर : जिला स्तरीय समितियां द्वारा की गई सिफ़ारिशों पर राज्य में युवा कार्य से संबंधित विभाग के सचिव की अध्यक्षता के अंतर्गत राज्य स्तरीय समिति द्वारा विचार किया जाएगा । यदि राज्य सरकार/संघ शासित क्षेत्र प्रशासन 31 जुलाई तक सभी जिलों से सिफारिशे प्राप्त नहीं करता है, तो राज्य स्तरीय चयन समिति केवल उन्हीं सिफारिशों पर यह ध्यान में रखते हुए अपनी सिफारिश करेगी कि वे 31 जुलाई तक प्राप्त हुई हैं, यदि कोई भी सिफारिश प्राप्त नहीं होती है तो वह स्वत: ही अपनी सिफारिश करेगी । राज्य स्तरीय समिति की संरचना का निर्णय राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा । राज्य सरकार/संघ शासित क्षेत्र स्तरीय चयन समिति जिला स्तरीय समिति की सिफारिशों की छानबीन करेगी और राज्य सरकार/संघ शासित क्षेत्र स्तरीय समिति द्वारा चयन किए गए अधिकतम 5 (पाँच) युवा व्यक्तियों के नये पैनल की अभिशंसा केंद्र सरकार को करेगी । इसी प्रकार, प्रत्येक राज्य सरकार/संघ शासित क्षेत्र प्रशासन युवा कार्य में संलग्न दो से कम स्वैच्छिक एजेंसियों की अभिशंसा करेगा । राज्य/संघ शासित क्षेत्र चयन समिति की सिफारिश सामान्यतया राज्य/संघ शासित क्षेत्र सरकार द्वारा स्वीकार कर ली जाएगी । यदि काई परिवर्तन होता है, तो उसका पूर्ण औचित्य देना होगा । राज्य सरकार/संघ शासित क्षेत्र प्रशासन प्रतिवर्ष 31 अगस्त तक अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को भेजेगा ।
7.6.3 राष्ट्रीय स्तर : राष्ट्रीय स्तर पर एक केंद्रीय चयन समिति राज्य सरकारों/संघ शासित क्षेत्र प्रशासनों की सिफारिशों की छानबीन करेगी और युवा पुरस्कारों का अंतिम चयन करेगी । केंद्रीय चयन समिति गुणों के आधार पर अपने विवेक से उन व्यक्तियों तथा युवा संगठनों पर पुरस्कार के लिए विचार कर सकती है जिनकी सिफारिश राज्य सरकार/संघ शासित क्षेत्र प्रशासन ने नहीं की है ।
7.7 पुरस्कार
प्रदान करना :
(क) पुरस्कार राष्ट्रीय युवा महोत्सव (12-16 जनवरी) के दौरान विशेष समारोह में किसी सुविधाजनक तारीख और समय पर प्रदान किए जाएंगे जिसे प्रति वर्ष घोषित किया जाएगा ।
(ख) व्यक्तिगत रूप से पुरस्कार ग्रहण करने के लिए पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को आमंत्रित किया जाएगा ।
(ग) पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को प्रथम श्रेणी/एसी टूटीयर वापसी रेल किराये के अनुसार टीए/डीए दिया जाएगा । महिला तथा विकलांग पुरस्कार प्राप्तकर्ता एक सहयोगी लाने के हकदार हैं । उन्हें भी पुरस्कार प्राप्त कर्ताओं के समकक्ष टीए/डीए प्रदान किया जाएगा ।
(घ) सिक्किम सहित उत्तर पूर्वी क्षेत्र तथा जम्मू व कश्मीर के पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं और उनके सहयोगियों को क्रमश: गोहाटी/कलकत्ता अथवा जम्मू/दिल्ली तक दोनों तरफ के हवाई किराये की अनुमति होगी । अंडमान निकोबार द्वीपसमूह और लक्षद्वीप के पुरस्कार प्राप्तकर्ता और उनके सहयोगी पुरस्कार स्थल तक दोनों तरफ के हवाई किराये के लिए हकदार होंगे ।
7.8 सामान्य
:
(क) भारत सरकार, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय बिना कोई पूर्व नोटिस दिए अपने विवेक से इस संहिता में संशोधन करने के लिए सक्षम है ।
(ख) पुरस्कारों के लिए आवश्यक धनराशि तथा सभी आकस्मिक व्यय जो कि भारत सरकार द्वारा अनुमोदित हे, भारत सरकार तथा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे ।
(ग) किसी भी विवाद के मामलें में, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय का निर्णय अंतिम होगा और सभी संबंधित लोगों पर लागू होगा ।
(घ) पुरस्कार के लिए सेक्रेटेरिएट युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा ।
8. विशिष्ट कार्यक्रम घटकों के लिए बजट अनुमान :
8.1 यह स्वीकृत है कि राष्ट्रीय एकीकरण अथवा अंतर राज्य युवा आदान- प्रदान के लिए किसी कार्यक्रम घटक का मानकीकरण करना बहुत मुश्किल है । तथापि, क्षेत्रीय संगठनों के लाभ के लिए आगामी विशिष्ट कार्यक्रम घटकों हेतु बजट का पता लगाया गया है । राष्ट्रीय एकीकरण शिविर के मामले में, इस परिकल्पना के अंतर्गत यात्रा भत्ता 750/- रू0 परिकलित किया गया है कि सहभागियों का कम से कम 25% मेजबान राज्य से अलग राज्यों के होंगे । अंतर राज्य युवा आदान- प्रदान कार्यक्रम के मामले में 50 व्यक्तियों का समूचा बैच गंतव्य स्थल का दौरा करेगा । परियोजना मूल्यांकन समिति लिखित में रिकार्ड किए गए पात्र मामलों में यात्रा भत्ते की सीमा बढ़ा सकती है ।
(क) राज्य की राजधानियों में 7 दिन की अवधि के लिए 150 व्यक्तियों हेतु राष्ट्रीय एकीकरण शिविर
|
7 दिनों के लिए 150 युवाओं हेतु 200/-रू0 की दर से भोजन और आवास |
2,10,000/- रू0 |
|
150 युवाओं हेतु 750/-रू0 की दर से यात्रा भत्ता |
1,12,500/- रू0 |
|
एकमुश्त आधार पर सांस्कृतिक कार्यक्रम व्यय |
50,000/- रू0 |
|
एकमुश्त आधार पर फोटोग्राफी सहित प्रलेखन |
5,000/- रू0 |
|
उपरोक्त बी और एल की 25% की दर से आकस्मिकताएं |
52,37,500/- रू0 |
|
कुल |
4,30,000/-रू0 |
(ख) गैर राजधानी शहरों में 7 दिन की अवधि के लिए 150 व्यक्तियों हेतु राष्ट्रीय एकीकरण शिविर
|
7 दिनों के लिए 150 युवाओं हेतु 150/-रू0 की दर से भोजन और आवास |
1,57,000/- रू0 |
|
150 युवाओं हेतु 750/-रू0 की दर से यात्रा भत्ता |
1,12,500/- रू0 |
|
एकमुश्त आधार पर सांस्कृतिक कार्यक्रम व्यय |
40,000/- रू0 |
|
एकमुश्त आधार पर फोटोग्राफी सहित प्रलेखन |
5,000/- रू0 |
|
उपरोक्त बी और एल की 25% की दर से आकस्मिकताएं |
39,250/- रू0 |
|
कुल |
3,53,750/-रू0 |
(ग) 15 दिन की अवधि के लिए 50 व्यक्तियों हेतु अंतर-राज्य युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम
|
15 दिनों के लिए 50 युवाओं हेतु 200/-रू0 की दर से भोजन और आवास |
1,50,000/- रू0 |
|
50 युवाओं हेतु 1,000/-रू0 की दर से यात्रा भत्ता |
50,000/- रू0 |
|
एकमुश्त आधार पर स्थानीय परिवहन व्यय |
50,000/- रू0 |
|
एकमुश्त आधार पर फोटोग्राफी सहित प्रलेखन |
5,000/- रू0 |
|
उपरोक्त बी और एल की 25% की दर से आकस्मिकताएं |
37,500/- रू0 |
|
कुल |
2,92,500/-रू0 |
*****
अनुबंध
घ
|
5. विशेष विषयों पर अतिथि/विशेषज्ञों के व्याख्यान |
1000/- रू0 |
1000/- रू0 |
|
6. जन शिक्षण संस्थान और प्रसिद्ध गैर सरकारी संगठनों और वीटीएस के फील्ड दौरे |
3000/- रू0 |
3000/- रू0 |
|
7. लेखन सामग्री और उपभोज्य की वस्तुएं |
500/- रू0 |
500/- रू0 |
|
8. विशेष सामग्री (प्रश्न उत्तर शीट, अन्य परीक्षण और पाठ्य सामग्री) |
1000/- रू0 |
1000/- रू0 |
|
9. विविध |
500/- रू0 |
500/- रू0 |
|
कुल |
65,000/- रू0 |
23,000/- रू0 |
6. परामर्श (काउंसिलिंग)
6.1 मनोविज्ञानी काउन्सिलिंग के क्षेत्र में साहित्य की समीक्षा से यह स्पष्ट है कि किशोरों के बीच सामान्य संबंध सात तरह के है:- जो इस प्रकार है (1) शारीरिक/स्वास्थ्य संबंधी ( आहार और पोषण, मनोकायिक रोग, सामान्य स्वास्थ्य, शारीरिक कसरत आदि) (2) पारिवारिक (परिवार के अंदर समझ, भागीदारी और सुरक्षा) (3) वित्तीय (शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोरंजन आदि की लागत) (4) मनोवैज्ञानिक (घबराहट, आत्मविश्वास की कमी, चिंता आदि) (5) समाज (दोस्तों/अध्यापकों के साथ मित्रता, हिस्सेदारी का संबंध और यौनेच्छाओं को समझना)
(6) भावनात्मक (क्रोध/आक्रमणशील, अकारण उदासी, अकेलापन, असुरक्षा और गलती और अपराध-बोध) और
(7) शैक्षणिक (एकाग्रता, समय प्रबंध, परीक्षा से भय, अध्ययन की आदत आदि)
6.2 काउन्सिलिंग का मुख्य उद्देश्य किशोरों का इनके संबंध में दक्षता, उनके व्यवहार में विघटनकारी व्यतिक्रम को रोकना, सकारात्मक मानसिक स्वस्थता प्राप्त करने के लिए उन्हें मार्गदर्शन देना, यथार्थवादी चुनाव करने के लिए उन्हें समर्थवान बनाना, प्रतिदिन जीवन के दवाब और थकान को पराभूत करना, भ्रांति को दूर करना और उपर्युक्त सभी के अलावा किशोरों के व्यक्तित्व का विकास करना चाहिए । लिंग गोपनीयता तथा निजीपन को सुनश्चित करते समय, काउन्सिंलिंग को गैर न्यायिक ढंग से उपयुक्त सूचना अवश्य उपलबध कराना चाहिए ।
6.3 इस शीर्ष के अंतर्गत विशिष्ट गितिविधियां नीचे दी गई हैं :
(क) अभिभावकों/अध्यापकों के लिए सेमीनारों/कार्यशालाओं का आयोजन:-एक बैच में 50 अभिभावकों/अध्यापकों के लिए एक दिवसीय सेमीनारों/कार्यशालाओं के आयोजन के लिए 5,000 रू0 का अधिकतम अनुदान स्वीकार्य होगा । इसमें कार्यरत मध्याहन भोजन, स्रोत व्यक्तियों और आवश्यक अवसंरचना प्रबंधों को करने के लिए मानदेय शामिल है । स्रोत व्यक्तियों को अर्हता प्राप्त स्वास्थ्य व्यावसायिक/मनोविज्ञानी/काउन्सेलर्स होना चाहिए ।
(ख) स्कूलों में "बाह्य" कार्यक्रमों का आयोजन : इन बाह्य कार्यक्रमों का कैरियर मार्गदर्शन और मनोविज्ञान काउन्सिंलिग दोनों को मिलाया जा सकता था और 9 वीं से 12 वीं कक्षा के बच्चों के लिए शैक्षिक संस्थानों के सहयोग और परामर्श से हो सकता है । सत्र 2-3 घंटे का हो सकता है जिसमें एक घंटा मनोवैज्ञानिक काउन्सिलिंग के लिए तथा कैरियर जागरूकता के लिए रखा जा सकता है जबकि शेष एक घंटा आपसी वार्तालाप तथा व्यक्तिगत काउन्सिलिंग के लिए चिन्हित किया जाना चाहिए जिसकी जरूरत तत्काल उत्पन्न हो सकती है । सहभागी छात्रों में पर्याप्त रूचि जगाने के लिए, कुछ समय परीक्षण मनोवैज्ञानिक साधन जैसे समस्या पहचान प्रश्नावली, अभिरूचि निर्धारण परीक्षण और प्रेरणादायक स्तर आदि के मूल्यांकन का इन बाह्य पहुंच कार्यक्रमों में प्रयोग किया जा सकता है । उसी प्रकार ऐसी आजीविका जिनके बारे में अधिक जानकारी नहीं है, विवरणीका और पुस्तिका तैयार की जा सकती है और ज्यादा ठोस प्रयास करने के लिए सहभागी छात्रों को वितरित किया जा सकता है । इन बाह्य पहुंच कार्यक्रमों को विश्ववि़द्यालयों और शैक्षिक संस्थानों जहां मनोविज्ञान अथवा काउन्सिंलिग विभाग है, का भी आयोजन किया जा सकता है ।
(ग) प्रत्येक माह कम से कम 150 किशोरों के लिए स्कूल जा रहे और स्कूल के बारह किशोरों दोनों के लिए काउन्सिंलिग/कैरियर मार्गदर्शन की स्थापना का प्रबंध करना । इसके अलावा गैर-सरकारी संगठनों, विश्विविद्यालयों/शैक्षिक संस्थानों जहां मनोविज्ञानी और काउन्सिंलिग विभाग को काउन्सिंलिग केंद्रों की स्थापना के लिए सुअवसर भी प्रदान किया जाना है ।
(घ) आनलाइन काउन्सिंलिग सेवाओं का उपयोग : पूर्व पैरा में उल्लिखित काउन्सिंलिग केंद्रों के तीन माह की अवधि के लिए विशेष रूप से परीक्षा तक और परिणाम आने तक आनलानइ काउन्सिंलिग सेवाएं भी प्रदान किया जाए । इस उद्देश्य के लिए 30,000/ रू0 के अधिकतम अनुदान पर भी विचार किया जाएगा ।
(ड़) पारिवारिक शिक्षा और अभिभावक काउन्सिंलिग के माध्यम से पाविरिक जीवन को मजबूती प्रदान करना : किशोरों के लिए काउन्सिंलिग सत्रों का मतलब पारिवारिक शिक्षा पर पाठ्यक्रम और अभिभावक के लिए काउन्सिंलिग सत्रों का आयोजन भी किया जाए । प्रति पाठ्यक्रम 40 अभिभावकों/किशोरों की न्यूनतम सहभागिता से 5 दिवसीय न्यूनतम 10 पाठ्यक्रमों के लिए अधिकतम 1.00 लाख रू0 तक के सहायता अनुदान पर विचार किया जाएगा । इसमें मध्याह्न का भोजन, विशेषज्ञों/परामर्शदाताओं और विविध कार्यो के लिए मानदेय शामिल है ।
(च) ग्रामीण काउन्सेलर : ग्रामीण क्षेत्रों विशेष रूप से स्कूल के बाहर किशोरों के लिए विशेष काउन्सिंलिग सुविधा प्रदान किया जाना आवश्यक है । प्रयोगात्मक आधार पर पुनश्चर्या प्रशिक्षण और मासिक कार्यशालाओं का पालन करते हुए प्रारंभिक प्रशिक्षण के पश्चात गांव में 2-3 काउन्सेलरों को उपलब्ध कराया जाए ।
(छ) शहरों और छोटे कस्बों में दूरभाष सहायता-लाइन की स्थापना : प्रति केंद्र प्रति वर्ष अधिकतम 1.00 लाख रू0 के सहायता अनुदान से मामला से मामला के आधार पर सहायता लाइन की स्थापन के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा इसमें दूरभाष लाइन को बिछाने की लागत, किराया, अंशकालीन परिचर के लिए मजदूरी और अंशकालीन काउन्सेलरों को मानदेय शामिल है ।
6.4 वित्तीय सहायता का पैटर्न
(क) स्कूलों में बाह्य पहुंच कार्यक्रमों का आयोजन
|
1 |
परियोजना अधिकारी के लिए मानदेय (विशेष रूप से मनोविज्ञानी अथवा कैरियर विशेषज्ञ) |
6,000/- रू0 प्रति माह |
|
2 |
डाटा इन्ट्री आपरेटर (अंशकालीक) |
6,000/- रू0 प्रति माह |
|
3 |
150 से 200 छात्रों के वर्ग के लिए भाषण शैली के लिए काउन्सलर को मानदेय |
5,00/- रू0 प्रति कार्यक्रम |
|
4 |
150 से 200 छात्रों के वर्ग के लिए भाषण शैली के लिए कैरियर विशेषज्ञ को मानदेय |
5,00/- रू0 प्रति कार्यक्रम |
|
5 |
स्रोत कार्मिक, छँपाई सामग्री, पोस्टर, प्रदर्शनी आदि के परिवहन की लागत |
15 कार्यक्रमों के लिए 10,000/- रू0 की अधिकतम सीमा के अधीन वास्तविक |
|
6 |
मनोवैज्ञानिक परीक्षण और अन्य औजारों (उसी संगठन द्वारा 15 बाह्य पहुंच कार्यक्रम के लिए) |
10/- रू0 प्रति सहभागी छात्र 15 कार्यक्रमों के लिए 30,000/- रू0 की अधिकतम सीमा तक |
|
7 |
लेखन- सामग्री (15 बाह्य पहुंच कार्यक्रम के लिए) |
5,000/- रू0 |
|
8 |
15 कार्यक्रमों के लिए आकस्मिक खर्च |
5,000/- रू0 |
|
|
कुल |
अधिकतम 1,73,000/- रू0 की सीमा प्रति कार्यक्रम |
(ख) ग्रामीण काउन्सलिंग केंद्र के लिए वित्तीय सहायता का पैटर्न
(कम से कम 20 गांव के लिए एक केंद्र, लागत व्यावसायिक संगठनों/मान्यता प्राप्त संस्थानों के जरिए वार्षिक हो ।)
|
1 |
ग्रामीण परामर्शदाताओं को प्रशिक्षण (40 व्यक्तियों को 7 दिन के लिए 100 रू0 प्रति दिन) |
28,000/- रू0 |
|
2 |
ग्रामीण परामर्शदाताओं को मध्य वर्ष क्षमता निर्माण (वर्ष में एक बार) 3 दिन के लिए 100 रू0 की दर से |
12,000/- रू0 |
|
3 |
ग्रामीण परामर्शदाताओं के साथ मासिक बैठकें वर्ष में 10 बार 50 रू0 की दर से प्रति व्यक्ति |
20,000/- रू0 |
|
4 |
ग्रामीण परामर्शदाताओं को 100 रू0 प्रति माह की दर से प्रति व्यक्ति मानदेय |
48,000/- रू0 |
|
5 |
परामर्शदात्री सामग्री की तैयारी और अधिग्रहण |
10,000/- रू0 |
|
6 |
प्रलेखन |
10,000/- रू0 |
|
|
कुल |
1,28,000/- रू0 |
7. आजीविका दिशा निर्देश-कार्य सहभागिता के लिए तैयारी
7.1 पूर्व में किशोरों और युवाओं जैसे-सिविल सेवा, अध्यापन, औषधि और इंजनीयरिंग आदि की आजीविका के विकल्प सीमित थे । सूचना प्रौद्योगिकी के आगमन से ज्ञान की सीमा का विस्तार हुआ है जो पहले कभी नहीं हुआ है । युवा पीढ़ी के लिए नवीन और उज्ज्वल अवसरों की तलाश में भी आर्थिक उदारीकरण किया गया है । दूसरी ओर, यद्यपि प्रतिस्पर्धा का स्तर बढ़ा हुआ है, और किशोरों तथा युवाओं का बड़ा वर्ग भ्रम के बोध में जकड़ा हुआ है जिससे आजीविका के विकल्प का सही चुनाव करना होगा । इस पृष्ठभूमि के प्रतिकूल है आजीविका मार्गदर्शन के कार्यक्रमों को पुन:संगठन को महसूस करने की आवश्यकता है योजना को इस वर्ग के पीछे मुख्य उद्देश्य निम्न है:-
(क) स्कूल में और स्कूल के बाहर के किशोरों और युवाओं दोनों को आजीविका सूचना प्रदान करना ताकि उन्हें कार्य का पता लगाने में मदद मिलें और वे आर्थिक रूप से उत्पादनकारी तथा सामाजिक रूप से जिम्मेदार नागरिक बनें ;
(ख) मानव स्रोत के मांग और पूर्ति के बीच असंगति को कम करे में मदद करना ;
(ग) सूचना और संयोजन प्रदान करके, संगठित और असंगठित दोनों में निचले और मध्यम स्तर पर मानव संसाधन को आर्थिक क्षेत्र में बढ़ाने की आवश्यकता ;
(घ) व्यावसायिक शिक्षा अथवा काम के संसार की और वरिष्ठ उच्चतर स्तर पर छात्रों के निश्चित अवयवों को वितरित करने के लिए, जिसमें स्वरोजगार शामिल हे तथ बहुत से लोगों को विकल्प प्रदान करने के लिए जिन्हें अन्यथा उच्च शिक्षा का अनुसरण करने के लिए बाध्य किया जाएगा जिसमें उनका कोई हित अथवा प्रयोजन नहीं है अथवा अन्यथा वे बेरोजगार रहते हैं ;
7.2 आजीविका दिशा निर्देश कार्यक्रमों के विशिष्ट घटकों के लिए पहुंच नीचे दिये गये हैं :
(क) आजीविका मेलों का आयोजन : प्रत्येक आजीविका मेला 2 से 3 दिनों की अवधि का और समानान्तर सत्रों द्वारा आयोजित किया जा सकता है, किशोरों के लिए 30 से 40 विभिन्न आजीविका विकल्पों को अभिमुख किया जा सकता है । संगठन और ऐसे मेलों के आयोजन को व्यापक मार्गदर्शन सत्रों और वक्ताओं/परामर्शदाताओं आदि की प्रकृति के रूप में, इस कार्य को करने के लिए प्रस्तावित एजेंसी द्वारा जांच किया जाना आवश्यक होगा । अभिभावक की उपस्थिति को भी प्रोत्साहित किया जाए । इन आजीविका मेलों में विचार-विमर्श किया जाने वाला आजीविका का चुनाव किशोरों के कार्यवृत पर संबोधित किया जाने वाला आधार पर परिवर्तित किया जाए । उपयुक्त शैक्षिक संस्थानों में मेलों का आयोजन किया जा सकता है ।
(ख) आजीविका दिशानिर्देश केंद्र : विश्वविद्यालयों, कालेजों, रोजगार ब्यूरो गैर सरकारी संगठनों में आजीविका दिशा निर्देश केन्द्रों की स्थापना और चलाने के लिए अनुदान भी प्राप्त किया जाए जहां किशोर आ सके और आवश्यक परिणाम प्राप्त कर सकें । इन केंद्रों में, दृष्टिकोण निर्धारण का आजीविका निर्णयों को मदद देने के लिए भी आयोजन किया जा सकता है । ऐसी सूचना युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय की विद्यमान योजना के अंतर्गत युवा विकास केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध कराती जा सकती है और आजीविका दिशानिर्देश अपने गतिविधि कार्यक्रम के एक अंग के रूप में हो सकता है ।
(ग) आजीविका, साहित्य तैयार करना और प्रसार : प्रपत्र, सीडी, बेवसाइट और संप्रेषण के अन्य तरीकों से विभिन्न आजीविका विकल्पों के बारे में किशोरों का मूल्यांकन किया जा सकता है तथा कहां और कैसे एक विशेष आजीविका अपनाया जा सकता है । कोई आईईसी स्थानीय भाषा में होना चाहिए तथा मैत्रीपूर्ण ढंग से किशोरों में प्रस्तुत किया जाना चाहिए ।
7.3 वित्तीय सहायता का पैटर्न
(क) कम से कम 150 किशोरों को प्रति माह देख माल के लिए (स्कूल जा रहे तथा स्कूल के बाहर के किशोरों, दोनों के लिए) आजीविका मार्गदर्शन सह ग्रामीण काउन्सलिंग केंद्रों की स्थापना ।
|
1 |
काउन्सलर-सह-परियोजना अधिकारी के लिए मानदेय |
6,000/- रू0 प्रति माह |
|
2 |
अंशकालीन/अतिरिक्त विशेषज्ञ(सप्ताह में दो बार, 3 घंटा प्रतिदिन के लिए) |
(5,00/- रू0 प्रति विशेषज्ञ काउन्सलर) 4,000/- रू0 प्रति माह |
|
3 |
डाटा एन्ट्री आपरेटर को मानदेय (अंशकालीक) |
3,000/- रू0 प्रति माह |
|
4 |
आजीविका पुस्तकालय के लिए किताबें, मैनुअल, परीक्षण सामग्री, विडियो कैसेट आदि (अंशकालिक) |
50,000/-रू0 (एक बारगी) 30,000/-रू0 (वार्षिक आवर्ती अनुदान) |
|
5 |
लेखन सामग्री |
10,000/- रू0 (एक मुश्त) |
|
6 |
डाक |
5,00/- रू0 प्रति माह |
|
7 |
आकस्मिक खर्च |
1,000/- रू0 |
|
|
कुल |
2,34,000/- रू0 प्रथम वर्ष 2,14,000/- रू0 दूसरे वर्ष |
(ख) स्कूल/कालेजों में अथवा स्कूल से बाहर किशोरों के लिए एक आजीविका मेला के लिए 25,000/- रू0 की राशि चिन्हित की गई है ।
8. दूसरी बार के शिविर
8.1 आवासीय शिविर, जो किशोरों को दूसरी बार अवसर प्रदान करते हैं, की किशोरों के शिक्षा और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका है । शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक आवश्यकता की विशेष आयु है जिसे प्रभावी व्यवहार बनाने की आवश्यकता है । स्कूलों, परिवारों और व्यापक समाज में सामान्य प्रवृत्ति होती है कि उनकी उपेक्षा करना । इन शिविरों में, परिवर्तन के दौरान, सामूहिक ढंग से संबंधित किशोरों के मुद्दों पर कार्य निम्न सहित किशोरों के विभिन्न वर्गो के सीखने की आवश्यकता पर पूरा किया जा सकता है ।
- वे जो प्राथमिक शिक्षा पूरा कर लिए हो (कक्षा 4 से 5) तक समेकित अनुवर्ती कार्रवाई के लिए साक्षरता को दोबारा प्राप्त कर चुके हों ;
- वे जो स्कूल प्रणाली को छोड़ चुके हो ; और,
- वे जो एक साथ क्रमबद्ध शिक्षा से निकाल दिये गये हों ।
8.2 आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को शिक्षार्थियों की आवश्यकतानुसार संदर्भित, भूमिगत और अभिकल्पित किये जाने के लिए सीखने की संभावना बनाता है । आवासीय ढंग में एक साथ रहने से सौहार्द और समन्वय की अभिरूचि को लौटाने और बचाने के लिए धर्म, जाति और सामाजिक स्थिति की भिन्नता में मदद करता है । अपने वातावरण से शिक्षार्थियों की दूरी स्वतंत्र वातावरण में सीखने के लिए उन्हें समर्थवान बनाता है ।
8.3 आवासीय शिविर मुद्दों पर कार्य सहित जो उनके रहने से संबंधित है, साक्षर कौशल को संपादित करने/मजबूती देने के लिए प्रभावी माध्यम हो सकता है । इन मुद्दों पर आत्मविश्वास का बनना, स्वयं आत्मनिर्भर बनना और समस्या सुलझाना, व्यक्तिगत स्वास्थ्य, उत्पादनकारी स्वास्थ्य तथा निषेचन संबंधी मुद्दे आदि शामिल है ।
8.4 यह दर्शाया गया है कि स्कूल छोड़ने वालों और विधिवत शिक्षा से पूर्णरूप से बहिष्कृत बच्चों के मामले में आवासीय शिविर न केवल मूल शिक्षा और जीवन कौशल दे सकता है, बल्कि उन्हें संविधान में सम्मान प्रदान करने में मदद कर सकता है । इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण, उचित रूप से आयोजित आवासीय शिविर, युवा लोगों के बीच जो सामाजिक परिवर्तन और सहृदय तथा प्रगतिशील समाज बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, को नया नेतृत्व बनाने की संभावना होती है । इस कार्यक्रम का मूल्यांकन दर्शाता है कि जीविका के लिए जीवन की गुणवत्ता को सुधारने और मूल तैयारी के लिए मूल्यों, कौशलों सहित अनपढ़ किशोरों को अपेक्षित मूल साक्षरता प्रदान करने के लिए 3 से 4 माह की आवासीय शिविर अवधि बढ़ायी जानी चाहिए । शिक्षार्थियों का प्रशिक्षण सुधारने के लिए आधुनिक प्रारंभिक कदम और उपयुक्त अनुवर्ती कार्रवाई की आवश्यकता पर भी बल दिया गया है ।
8.5 वित्तीय सहायता का पैटर्न
4 माह के लिए 50 सहभागियों के लिए दूसरी पारी के शिविर के लिए वित्तीय सहायता का पैटर्न
(केवल मान्यता प्राप्त संस्थान/प्रमाणित संगठन के माध्यम से आयोजित किया जाना। )
|
क्र0 सं0 |
व्यय के मद |
मासिक व्यय रू0 में |
4 माह के लिए कुल व्यय रू0 में |
|
1 |
सहभागियों के लिए भोजन और आवास (क) एक व्यक्ति के लिए 1050/-रू0 प्रति माह, 35 रू0 प्रति सहभागी प्रतिदिन की दर से भोजन की लागत (ख) प्रति माह 115 रू0 प्रति सहभागी प्रतिदिन की दर से गणना की गई आवास की लागत |
52,500 5,750 |
2,10,000 23,000 |
|
2.(क) |
अन्य व्यय अध्यापक अध्यापकों को मानदेय प्रति माह 5,000 रू0 प्रति अध्यापक की दर से 5 अध्यापक अध्यापकों को यात्रा भत्ता-एक माह के लिए 200 रू0 की दर से 5 अध्यापकों को (अध्यापकों का महीने में एक बार घर जाने की अनुमति है ।) अध्यापकों को आवास और योजना- 40 रू0 प्रतिदिन की दर से 5 अध्यापक |
25,000 1,000 6,000 |
1,00,000 4,000 24,000 |
|
(ख) |
सहायक स्टाफ - चौकीदार 2500 रू0 प्रतिमाह की दर से - अंशकालीक सफाई कर्मचारी 1,000 रू0 प्रतिमाह की दर से |
2500 1000 |
10,000 4,000 |
|
(ग) |
स्रोत व्यक्ति - स्रोत व्यक्ति को मानदेय - स्रोत व्यक्ति को यात्रा भत्ता |
1500 1000 |
6,000 4,000 |
|
(घ) |
अध्यापन शिक्षार्थी सामग्री |
8000 |
32,000 |
|
(ड़) |
लेखन सामग्री ओर उपभोज्य |
3500 |
14000 |
|
(च) |
फोटो कापी प्रलेखन |
500 |
2000 |
|
(छ) |
अभिभावक बैठके (प्रतिमाह प्रति दौरे के दौरान यात्रा और एक भोजन) |
1000 |
4000 |
|
(ज) |
चिकित्सा उपस्थिति |
2000 |
8000 |
|
(झ) |
फैक्स, दूरभाष और डाक संबंधी |
750 |
3000 |
|
(ञ) |
विविध |
2000 |
8000 |
|
|
कुल |
1,14,000 |
4,56,000 |
*****
अनुबंध- ड़
तकनीकी
और स्रोत
विकास
1. वातावरण बनाना
1.1 योजना के अंतर्गत किसी कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए, सहायक वातावरण जिससे समुदाय, अभिभावकों तथा अन्य स्वामित्वधारियों द्वारा स्वीकृति और समर्थन को आगे बढ़ावा मिले, को बनाया जाना आवश्यक है । वातावरण सृजित करने की प्रकृति परियोजना कार्यान्वयन को विवेचना द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा लेकिन निम्नलिखित में से एक अथवा ज्यादा शामिल किये जा सकते है:-
|
वर्ग |
गतिविधियां |
|
किशोर/युवा |
-विषयक प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन : निबंध लेखन, पेंटिंग, पोस्टर विकास । -प्रदर्शनियों और मेलों का आयोजन। - प्रतियोगिताओं जैसे सामूहिक शारीरिक ड्रिल्स (भारतीयम), खेल प्रतियोगिताएं, नाटक, संगीत आदि का आयोजन । - अन्य युवा कार्यक्रमों के लिए प्रदर्शन सह अध्ययन संबंधी दौरे -नुक्कड़ नाटक और कला जत्था -जरूरत निर्धारण प्रयोग में लगाना -लिंग और प्रजनन स्वास्थ्य सहित सभी किशोर मुद्दों पर समकक्ष वर्ग की बैठकें और अन्याय क्रिया -फिल्म प्रदर्शन |
|
अभिभावक और सामुदायिक सदस्य |
-अभिभावक सह अध्यापक संघ के लिए कार्यशालाएं -अभिभावक/समुदाय के साथ विषयक विचार विमर्श -मेला प्रदर्शनी -दो पीढ़ियों के बैठके और विचार-विमर्श -नुक्कड़ नाटक
|
1.2 पर्यावरण निर्माण गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता का पैटर्न
|
गतिविधियां |
वित्तीय शर्त |
|
विषयक, प्रतियोगिताओं का आयोजन, निबंध लेखन, पेंटिंग, पोस्टर विकास |
प्रति गतिविधि 10,000/- रू0 की अधिकतम सीमा के अधीन सहायता अनुदान निम्नलिखित शर्तो के अनुसार स्वीकार्य होगा : (क) पुरस्कार- 4,000/- रू0 (ख) अल्पाहार – 20/- रू0 प्रति व्यक्ति की दर से (ग) आकस्मिक व्यय- 4,000/- रू0 अथवा वास्तविक जो भी कम हो । जजों और लेखन सामग्री आदि के लिए मानदेय/वाहन भत्ता आदि शामिल है |
|
प्रदर्शनियों और मेलों का आयोजन |
युवा गतिविधियों और प्रशिक्षण के लिए मंत्रालय की वित्तीय सहायता की विद्यमान योजना के अंतर्गत उसी प्रकार की गतिविधियों के लिए निर्धारित शर्ते द्वारा शासित होगा । |
|
प्रतियोगिताओं जैसे खेल प्रतियोगिताओं, नाटक, संगीत आदि का आयोजन, |
प्रति गतिविधि 20,000/- रू0 की अधिकतम सीमा के अधीन सहायता अनुदान निम्नलिखित शर्तो के अनुसार स्वीकार्य होगी : (क) पुरस्कार- 8,000/- रू0 (ख) अल्पाहार – 20/- रू0 प्रति व्यक्ति की दर से (ग) आकस्मिक व्यय- 8,000/- रू0 अथवा वास्तविक जो भी कम हो । |
|
सामूहिक शारीरिक ड्रिल्स का आयोजन (भारतीयम) |
3.00 लाख रू0 से ज्यादा न हो एक मुश्त सहायता अनुदान निम्नलिखित शर्तो के अनुसार 5000 छात्रों/किशोरों को शामिल करके एक कार्यक्रम के लिए निम्नलिखित शर्तो के अनुसार स्वीकार्य होगी : (क) अल्पाहार – 20/- रू0 प्रति व्यक्ति (ख) प्रशिक्षुओं के लिए अनुदान – 500/- रू0 प्रति दिन (ग) एनआईसी द्वारा लागू दर से प्रशिक्षुओं के भोजन/आवास (घ) यात्रा भत्ता/दैनिक भत्ता –एसी थ्री टायर का वास्तविक यात्रा व्यय (ड़) आकस्मिक व्यय- 20,000/- रू0 अथवा वास्तविक जो भी कम हो । |
|
अन्य युवा कार्यक्रमों के लिए प्रदर्शनी सह अध्ययन दौरे |
50,000/- रू0 की अधिकतम सीमा के अधीन सहायता अनुदान निम्न शर्तो के अनुसार स्वीकार्य होगी :- (क) द्वितीय श्रेणी शयनयान का वास्तविक यात्रा भत्ता (ख) एनआईसी के लिए लागू भोजन/आवास जैसा लागू हो । (यात्रा अवधि सहित 2 दिन से ज्यादा न हो एक समूह के लिए 50 अवधि तक सीमित) |
|
नुक्कड़ नाटक और कला जत्था |
10,000/- रू0 प्रति गतिविधि की अधिकतम सीमा के अधीन सहायता अनुदान स्वीकार्य होगी |
|
आवश्यक मूल्यांकन कार्यो का कराना |
1,00,000/- रू0 की अधिकतम सीमा के अधीन सहायता अनुदान उपयुक्त प्रस्ताव के प्राप्त होने पर विचार किया जाएगा । |
|
समकक्ष समूह बैठकें और पारस्परिक क्रिया |
5,000/- रू0 प्रति गतिविधि की अधिकतम सीमा के अधीन सहायता अनुदान स्वीकार्य होगी । |
|
अभिभावक अध्यापक संघ के लिए कार्यशालाएं |
5,000/- रू0 प्रति गतिविधि की अधिकतम सीमा के अधीन सहायता अनुदान स्वीकार्य होगी । |
|
अभिभावक/समुदाय के साथ विषयक विचार-विमर्श |
5,000/- रू0 प्रति गतिविधि की अधिकतम सीमा के अधीन सहायता अनुदान स्वीकार्य होगी । |
|
दो पीढ़ियों की बैठकें |
5,000/- रू0 प्रति गतिविधि की अधिकतम सीमा के अधीन सहायता अनुदान स्वीकार्य होगी । |
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मेला, प्रदर्शनियां |
युवा गतिविधियों और प्रशिक्षण के लिए मंत्रालय की वित्तीय सहायता को विद्यमान योजना के अंतर्गत उसी प्रकार की गतिविधियों के लिए निर्धारित शर्तो द्वारा शासित होगा । |
अनुबंध- ड़
2. अनुसंधान और तकनीकी संसाधन विकास
2.1 मूल आकड़ा और तकनीकी संसाधन विकास के अनुसंधान, संकलन और संचयन की ज्यादा आवश्यकता है । कुछ विशिष्ट सुपात्र क्षेत्रों पर निम्नानुसार ध्यान देना है :-
- किशोरों और युवाओं पर आंकड़ा बनाना
- अनुसंधान क्षमताओं को बढ़ाना
- अनुसंधान में युवाओं को शामिल करना
- महत्वपूर्ण अनुभवों का अध्ययन और प्रलेखन
वांछनीय संगठनों को उन क्षेत्रों में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा जिसके लिए प्रति वर्ष 15.00 लाख रू0 तक के सहायता अनुदान पर विचार किया जा सकता है ।
2.2 राजीव गांधी राष्ट्रीय युवा विकास संस्थान, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय किसी अनुसंधान और तकनीकी स्रोत विकास परियोजना में निरंतर शामिल रहेगा । प्रकाशन का कापीराइट राजीव गांधी राष्ट्रीय युवा विकास संस्थान के पास रहेगा जो आंकड़ा संचयन और प्रकाशन से संबंधित कार्य पर सहयोग देने के लिए भी आशा की जाती है ।
3. प्रलेखन और प्रकाशन
3.1 वित्तीय सहायता विशिष्ट प्रस्ताव पर आधारित होगा । तथापि, 3.00 लाख रू0 की सीमा प्रथम अनुदानग्राही पर लागू होगा । इस घटक के अंतर्गत अधिकतम अनुदान किसी संगठन के लिए 15.00 लाख रूप प्रतिवर्ष होगा ।
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4. सेमिनार और कार्यशालाएं
किशोरों से संबंधित मुद्दे तुलनात्मक रूप से असीमित क्षेत्र हैं इसलिए इन पर ज्यादा ध्यान देने और क्षमता निर्माण की आवश्यकता है । युवाओं और किशोरों के सक्रिय सहभागिता से, सेमीनारों और कार्यशालाओं का आयोजन इस संबंध में उपयोगी योगदान हो सकता है । इस उद्देश्य के लिए धनराशि निम्न वर्णित सीमा तक उपलब्ध करायी जा सकती है ।
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(क) |
दस्तकारों से सुसज्जित रिपोर्ट के साथा राष्ट्रीय विषयक आधारित सेमीनारों को (3 दिन) इस निष्कर्ष के तीन माह के अंदर प्रकाशित किया जाना |
5.00 लाख रू0 |
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(ख) |
राज्य स्तरीय सेमीनार और कार्यशालाएं (2 दिन) |
3.00 लाख रू0 |
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(ग) |
स्थानीय स्तर की कार्यशालाएं विशेष रूप से गैर-सरकारी संगठनों और युवा संगठनों को अभिमुख करना (2 दिन) |
0.50 लाख रू0 |
4.2 राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय सेमीनारों/कार्यशालाओं का आयोजन विशेष रूप से स्थानीय स्तर के गैर-सरकारी संगठनों के अनुकूलन की दृष्टि से, किशोर/युवा विकास के क्षेत्र में लंबे समय तक सेवा करने का रिकार्ड रखने वाले ऐसे प्रसिद्ध गैर-सरकारी संगठनों को जिन्हें इसी समय के दौरान मूल गैर-सरकारी संगठनों के दायित्व सौपे जा सके, को प्राथमिकता दी जाएगी ।
5.4 परियोजना प्रस्ताव को प्रस्तुत करने का प्रारूप : परियोजना कार्यान्वयन एजेन्सी को परिशिष्ट-1 में दिए गए निर्धारित प्रारूप में परियोजना प्रस्ताव को प्रस्तुत करना होगा । राज्य सरकारों, एनएसएस तथा नेहरू युवा केंद्र संगठनों को बांड भरने की जरूरत नहीं है और प्रारूप के भाग-क को उपयुक्त रूप से संशोधित किया जाए । राष्ट्रीय युवा पुरस्कार (व्यक्तिगत), राष्ट्रीय युवा पुरस्कार (संगठन) और तेन्जिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहस पुरस्कार के लिए मानदेय का प्रारूप क्रमश: परिशिष्ट-2, परिशिष्ट-3 और परिशिष्ट-4 पर दिया गया है ।
5.5 परियोजना मूल्यांकन समिति : प्रस्तावों पर युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय में गठित परियोजना मूल्यांकन समिति (पीएसी) द्वारा विचार किया जाएगा । पीएसी में योजना आयोग, वित्त डिविजन और प्रशासनिक डिविजन के सदस्य होंगे इसके अलावा यदि आवश्यकता होगी तो बाहर के विशेषज्ञ भी लिए जाएंगे । मंत्रालय स्कीम के लिए आबंटित बजट में से अखिल भारतीय संगठनों और राज्य स्तरीय संगठनों के लिए अलग से बजट प्रावधान रखेगा । पीएसी की सिफारिशें अनुमोदन के लिए मंत्रालय के सक्षम प्राधिकारी के समक्ष रखी जाएंगी ।
5.6 पीआईए को निधि जारी करना : परियोजना को अनुमोदन प्राप्त हो जाने के बाद पीआईए को पहली किश्त के रूप में 50 % तक सहायता अनुदान जारी किया जाएगा । राज्य/केंद्र शासित क्षेत्र सरकारें, एनएसएस और नेहरू युवा केंद्र संगठनों के मामले में 90 % तक निधि जारी की जा सकती है । शेष राशि अनुमोदित कार्यक्रम के पूरा होने तथा नीचे सब पैरा 5.7 में दिए गए दस्तावेज प्रस्तुत करने के बाद जारी की जाएगी । तथापि, एक वर्ष की अवधि से अधिक की परियोजना के मामले में अप्रयुक्त शेष राशि ग्राही की अगली किश्त में समायोजित की जाएगी ।
5.7 बकाया किश्त के लिए दस्तावेज प्रस्तुत करना : निधि को आगे जारी करने पर विचार करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत करने अपेक्षित हैं :
(i) ग्राही द्वारा फार्म जीफआर-19 (ए) में उपभोग प्रमाण पत्र ।
(ii) स्वीकृति आदेश के संबंध में अद्यतन मद-वार वास्तविक और वित्तीय उपलब्धियां दर्शाने वाली प्रदर्शन रिपोर्ट ।
(iii) एक बचन बद्ध जिसमें कहा जाए :-
(क) वित्तीय स्वीकृति की सभी निबंधन व शर्तें का पालन किया गया है ;
(ख) परियोजना लाभार्थियों की आयु, संख्या और श्रेणी सहित स्वीकृति आदेश के किसी क्षेत्र के संबंध में कोई असामान्यता नहीं है ;
(ग) प्रतिपूर्ति की राशि जो मंत्रालय से मांगी गई है वह किसी अन्य स्रोत से नहीं मांगी गई है और संगठन, यदि को असामान्यता होती है तो सरकार को सूचित करेगा ।
(iv) निधि की अंतिम किश्त जारी करने के लिए उपर्युक्त तीन दस्तावेजों के अलावा कुल प्राप्त निधि के स्रोतों का परीक्षित विवरण (अपने स्रोत सहित मंत्रालय और अन्य स्रोतों) तथा सनदी लेखाकार द्वारा लिखित प्रमाणित स्वीकृत परियोजना का कुल व्यय प्रस्तुत किया जाए ।
(v) यदि स्वीकृति आदेश की तारीख के एक वर्ष बाद मंत्रालय में वित्तीय शेष किश्त के लिए अनुरोध प्राप्त होता हे, तो कोई धनराशि जारी करने पर विचार नहीं किया जाएगा ।
5.8 पहले से स्वीकृत परियोजनाओं के लिए वित्त पोषण : वे परियोजनाएं जो युवा गतिविधियों के संवर्धन और प्रशिक्षण के लिए राष्ट्रीय वित्तीय सहायता एकीकरण के लिए संवर्धन, साहस के संवर्धन तथा किशोरों के विकास और अधिकारिता के लिए योजना की पूर्व संशोधित योजना के अंतर्गत स्वीकृत की गयी है, पहले अनुमोदित वित्तीय धनराशि के अनुसार इस योजना के अंतर्गत उनका वित्त पोषण जारी रहेगा । दूसरी अथवा अंतिम किश्त के लिए शेष राशि प्रतिबद्ध दायित्व के रूप में योजना के अंतर्गत जारी की जाएगी । पूर्व संशोधित योजना के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाएं पिछली योजना के मार्ग निर्देशों का पालन करना जारी रखेगी ।
5.9 योजना के मार्ग निर्देशें तथा लागत संबंधी मानदंडों का संशोधन : लागत संबंधी मानदंडों सहित योजना के मार्ग निर्देश में कोई प्रावधान सचिव, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के अनुमोदन से व मंत्रालय में वित्तीय सलाहकार के परामर्श से संशोधित किए जा सकते हैं, उनमें छूट दी जा सकती है योजना के किसी प्रावधान के संशोधन/छूट के बारे में मंत्रालय का निर्णय अंतिम होगा और परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी पर बाध्य होगा ।
6 वित्तीय
सहायता का
पैटर्न
6.1 विशिष्ट कार्यक्रम का घटक : योजना के अंतर्गत भारत सरकार से प्राप्त वित्तीय सहायता उत्प्रेरकीय वित्त पोषण वाली होगी और पीआईए कार्यक्रम के आयोजन के लिए अन्य सहयोगी एजेंसियों/संगठनों से अतिरिक्त संसाधन जुटाने के लिए स्वतंत्र है । वित्तीय सहायता की राशि सहभागियों की संख्या अथवा कोई व्यक्तिगत रूप से लिए गए कार्यक्रम की अवधि पर निर्भर करते हुए परिवर्तित हो सकती है जो निम्नलिखित प्रत्येक विशिष्ट कार्यक्रम घटक के सम्मुख दर्शाए गए सहभागियों की संख्या अथवा दिनों की संख्या से अलग हो सकती है । योजना के अंतर्गत विशिष्ट कार्यक्रम घटक के लिए वित्तीय सहायता का पैटर्न तथा वित्तीय सहायता के लिए पात्र संगठन/संस्थाएं मार्ग निर्देशन के लिए नीचे दी गयी है :
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क्र0 सं0 |
विशिष्ट कार्यक्रम घटक |
योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता की राशि |
कार्यक्रम घटक के लिए पात्र अनुदानग्राही |
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1 |
2 |
3 |
4 |
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(क) |
युवा नेतृत्व तथा व्यक्तित्व विकास |
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(i) |
युवा नेतृत्व तथा व्यक्तित्व विकास प्रशिक्षण परियोजना |
3,00,00/-रू0 |
एआईओ/एसएलओ |
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(ख) |
राष्ट्रीय एकीकरण का संवर्धन |
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(i) |
7 दिन की अवधि 150 व्यक्तियों हेतु राष्ट्रीय एकीकरण का शिविर राज्य की राजधानियां अन्य स्थान |
4,30,000/-रू0 3,53,750/-रू0 |
एआईओ/एसएलओ |
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(ii) |
15 दिन की अवधि के लिए 50 सहभागियों हेतु अंतर राज्य आदान- प्रदान कार्यक्रम | ||||